स्कूल की जांच करने पहुंची CJP टीम पर ग्रामीणों का हमला, आशुतोष रांका बोले- शर्ट फाड़ी, मोबाइल तोड़ा.

जयपुर के बगरू क्षेत्र में स्कूल की जांच करने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी की टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों ने उनके साथ मारपीट की, शर्ट फाड़ दी और मोबाइल तोड़ दिया। उन्होंने दावा किया कि टीम के वाहनों के शीशे भी तोड़े गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ग्रामीण सीजेपी कार्यकर्ताओं को खदेड़ते और वाहनों पर हमला करते नजर आ रहे हैं। एक कार्यकर्ता के पीछे छूटने पर ग्रामीणों ने उसके साथ भी मारपीट की।

सीजेपी कार्यकर्ताओं के वहां पहुंचते ही ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उनकी धक्का-मुक्की हो गई। ग्रामीणों का कहना था कि वे स्कूल को अपने स्तर पर ही ठीक करा लेंगे क्योंकि सरकार की तरफ से इसके लिए 12.50 लाख रुपए स्वीकृत हो चुके हैं। उन्होंने सीजेपी कार्यकर्ताओं को ‘बाहरी व्यक्ति’ बताते हुए गांव से धक्का देकर बाहर निकाल दिया।

स्कूल की बदहाल स्थिति को देखने के लिए था दौरा
सीजेपी की टीम का जयपुर में दो सरकारी स्कूलों- रामपुरा कंवरपुरा और वाटिका रोड स्थित भट्टा वाला राजकीय स्कूल का दौरा करने का कार्यक्रम था। पार्टी की मानें तो टीम का उद्देश्य वहां की शिक्षा व्यवस्था, बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और स्कूल की इमारतों का जायजा लेना था। बताया जा रहा है कि रामपुरा कंवरपुरा का प्राथमिक स्कूल पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिसके कारण मुख्य स्कूल बिल्डिंग को बंद कर दिया गया है। स्कूल की छत की पट्टियां टूट चुकी हैं, जिन्हें सहारे के लिए नीचे से लोहे के एंगल लगाकर रोका गया है। इस जर्जर हालत के कारण स्कूल को 50 मीटर दूर एक बाड़े में शिफ्ट किया गया है, जहां बच्चे टीनशेड के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। इस बाड़े के पास पशुओं का चारा भरा हुआ है और दीवार की ईंटें भी गिरी हुई हैं।

राजनीतिक विवाद और सीजेपी का रुख
यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब पिछले दिनों सीजेपी द्वारा किए गए स्कूलों के निरीक्षण के बाद, शिक्षा विभाग ने स्कूलों में मीडिया और आम जनता की बिना वजह एंट्री पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी। इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सीजेपी के को-कन्वीनर आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि राजस्थान के शिक्षा मंत्री राज्य की बदहाल शिक्षा व्यवस्था को छिपाने के लिए तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे इस पाबंदी से पीछे नहीं हटेंगे और जब तक प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार नहीं हो जाता, उनका यह निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा।

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