
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। जातीय समीकरणों को साधने के साथ अब महिला वोट बैंक भी सियासी दलों के एजेंडे में प्रमुखता से उभर रहा है। हाल के चुनावों में महिलाओं की बढ़ती चुनावी भागीदारी और उनके वोट से बदले समीकरणों ने पार्टियों को इस वर्ग को अपने पाले में लाने के लिए नई रणनीति बनाने पर मजबूर कर दिया है।
हर दल की कोशिश महिला वोट बैंक को अपने पाले में लाने की है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने जहां बुधवार को फ्री बस सेवा की सौगात दी। वहीं, समाजवादी पार्टी ने इस मौके पर एक के बाद एक कई घोषणाएं कर डाली। इसमें सरकार बनने पर 40,000 रुपये की आर्थिक मदद का दावा भी किया गया है।
वहीं दूसरी ओर, बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक और सवर्ण समाज को साथ लेकर सत्ता में वापसी की रणनीति पर आगे बढ़ती नजर आ रही हैं। सपा के नए दांव के बाद भाजपाई नेता से लेकर मंत्री उन पर हमलावर हैं, वो इसे महज छलावा बता रहे हैं।

60 वर्ष से ऊपर की महिलाओं को आजीवन फ्री बस सेवा
यूपी की योगी सरकार ने 60 साल से ऊपर की महिलाओं को बुधवार को फ्री बस सेवा की सौगात दी। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना का शुभारंभ किया। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने महिलाओं से बात की और इस निर्णय पर उनकी प्रतिक्रिया ली।
इस दौरान सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि अगर आप लोग अच्छी सरकार चुनेंगी तो सुविधाएं भी अच्छी मिलेंगी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर 27, 28 और 29 अगस्त को महिलाओं को अपने एक सहयात्री के साथ निशुल्क बस यात्रा की सुविधा मिलेगी।
अखिलेश बोले- सरकार बनने पर महिलाओं को हर साल 40 हजार देंगे
अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मैनपुरी से सपा सांसद डिंपल यादव ने राष्ट्रीय महिला समानता दिवस के अवसर पर आयोजित संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसके तहत समाजवादी सरकार बनने पर आधी आबादी को पूरी आजादी मिलेगी।
उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। गरीब महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। छात्राओं को इंटर पास होने के बाद लैपटॉप और साइकिल दी जाएगी। महिलाओं की सरकारी बसों में यात्रा मुफ्त होगी। छात्राओं को मेट्रो सफर मुफ्त होगा।
पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार में बंद किए सभी 26 हजार प्राइमरी स्कूल फिर खोले जाएंगे। सरकारी स्कूलों में फीस माफ और प्राइवेट में फीस हाफ होगी। न्यूट्रिशन मिशन योजना फिर शुरू की जाएगी। ऑगनबाड़ी केंद्रों को ठीक किया जाएगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि स्त्री सम्मान समृद्धि योजना आधी आबादी की पूरी आजादी का संकल्प है। भाजपा नारी वंदन की सिर्फ बातें करती है। भाजपा सरकार में हाथरस की बेटी को न्याय नहीं मिला। कानपुर में मां-बेटी को जिंदा जला दिया गया। लखनऊ अग्निकांड में पीड़ित मां के सामने मुख्यमंत्री की बातों को कोई नहीं भूल सकता है।

डिप्टी सीएम केशव मौर्य बोले- सपा का महिला सुरक्षा व सम्मान की बात करना छलावा
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा के मुंह से महिला सुरक्षा-सम्मान की बात महज छलावा है। यूपी ने 2012 से 2017 के दरम्यान सपा की गुंडागर्दी, अपराध, 15 माफिया, दंगाइयों और भ्रष्टाचारियों के संरक्षण मानवाली राजनीति न केवल देखी है, बल्कि काफी हद तक सही भी है।
उन्होंने कहा कि यह साफ है कि सपा मुखिया अखिलेश यादव को 2027 से 2047 तक यूपी की सत्ता और उनके दिल्ली वाले गार्जियन कांग्रेस के जेन-जी नेता राहुल गांधी को 2049 तक देश की सत्ता मिलने वाली नहीं है। दोनों भविष्य के नाम पर फर्जी वादे बेच रहे हैं। सपा का पीडीए यानी परिवार डेवलपमेंट एजेंसी की हकीकत यूपी की महिलाएं बेहतर तरीके से समझती हैं। और वे सपा की चाल, जाल और झांसे में नहीं आएंगी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बोले- सपा फिर लेकर आई झूठे वादों का पिटारा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सपा की नई घोषणाओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पुराने पाप और नाकामियों को छिपाने के लिए सपा फिर ‘झूठे वादों का पिटारा’ लेकर जनता के बीच आई है। उन्होंने कहा कि सपा शासनकाल में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठते थे, जबकि आज पार्टी महिला सम्मान, सुरक्षा और विकास की बातें कर रही है।
उन्होंने कहा कि सपा की वादाखिलाफी जनता भूली नहीं है। खोखली घोषणाओं व चुनावी लॉलीपॉप से उसे बहकाना संभव नहीं। चौधरी ने अखिलेश यादव की महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये देने की घोषणा को महिला वोटरों को लुभाने का प्रयास बताया। उन्होंने सवाल किया कि सपा सरकार में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं होती थी। साथ ही पूछा कि 33% महिला आरक्षण की पहल का सपा ने विरोध क्यों किया।




