
एनडीए के सहयोगी दल और केंद्र में सरकार के साथ शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने लखनऊ में अपने पिता पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। इस कार्यक्रम में शामिल होकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के गठबंधन धर्म को निभाया।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान की पार्टी को उत्तर प्रदेश में भी विस्तार देने की योजना है। इसी क्रम में लखनऊ में राम विलास पासवान की पुण्यतिथि पर पार्टी का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। चिराग पासवान ने 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
सदैव गरीबों के हित लिए काम किया
रामविलास पासवान की पुण्य तिथि पर आयोजित की श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनको नमन किया और भारतीय राजनीति में उनके योगदान को काफी सराहा। उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक पद्म भूषण स्व. रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर कहा कि रामविलास पासवान सरल इंसान थे। उनके सपनों को पुत्र चिराग पासवान पूरा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राम विलास जी वंचित लोगों की मदद करते थे और उन्होंने सदैव गरीबों के हित लिए काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामविलास पासवान ने ‘भारत रत्न’ बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी के सपनों का भारत बनाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। रामविलास जी की स्मृतियों को नमन।राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री, ‘पद्म भूषण’ रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर लखनऊ में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए।
लखनऊ के दयाल बाग के एन इको रिसॉर्ट में श्रद्धांजलि सभा में चिराग पासवान ने कहा कि उनके पिता इतनी जल्दी चले जाएंगे उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी, लेकिन आज उनकी छठी पुण्यतिथि है। चिराग ने बताया कि पार्टी के लोगों की मांग पर और उत्तर प्रदेश कैडर की मांग पर यूपी में उनकी पुण्यतिथि मनाई जा रही है।
उत्तर प्रदेश से बेहद ज्यादा था लगाव
चिराग ने कहा कि रामविलास पासवान को उत्तर प्रदेश से बेहद ज्यादा लगाव था और उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में लंबे समय से अपनी उपस्थिति को बढ़ाने के लिए काम कर रही है और संगठन के लोगों की भारी मांग पर यह कार्यक्रम यूपी में आयोजित किया जा रहा है। चिराग ने कहा कि उनके पिता के दलगत राजनीति से ऊपर उठ करके सभी दलों में उनके संबंध थे।




