
पीएम पोषण योजना के तहत विद्यालयों में बच्चों का भोजन बनाने वाले करीब 3.54 लाख रसोइयों को अक्टूबर में बढ़ा हुआ मानदेय समय पर मिलेगा। प्रदेश सरकार ने सितंबर से रसोइयों का मानदेय 2000 से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह किया है। जिलों में मानदेय का भुगतान जिलाधिकारी के माध्यम से होता है। हर माह भुगतान में देरी की शिकायतों को देखते हुए शासन ने सभी जिलों को समय से मानदेय जारी करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश के करीब 1.42 लाख राजकीय, परिषदीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में पीएम पोषण योजना संचालित है। वर्तमान में 1.46 करोड़ छात्र- छात्राएं पीएम पोषण से जुड़े हैं। योजना के तहत प्राथमिक कक्षाओं के प्रत्येक बच्चे के भोजन में 450 कैलोरी और 12 ग्राम प्रोटीन तथा उच्च प्राथमिक स्तर पर 700 कैलोरी और 20 ग्राम प्रोटीन का मानक निर्धारित है।

बच्चों को हर सोमवार मौसमी फल भी दिए जा रहे हैं। भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से 7849 विद्यालयों में 9,91,338 विद्यार्थियों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा सात जिलों में अक्षय पात्र संस्था के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए भोजन तैयार कर उपलब्ध कराया जा रहा है।




