भाजपा की राजनीति नफरत बांटने और समाज को आपस में लड़ाने की है: अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी कार्यालय में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा कार्यकर्ता गुरू नानक देव जी की प्रकाश पर्व मनाते हुए

लखनऊ। आज सिख धर्म के संस्थापक गुरू नानक देव जी का 551वां प्रकाश पर्व बड़ी संख्या में सिख समाज के लोगों की उपस्थिति में मनाया गया। इस मौके पर अरदास के अलावा शबद कीर्तन का भी आयोजन किया गया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरू नानक देव जी के चित्र पर माल्यार्पण के पश्चात अपने सम्बोधन में कहा कि आज की विषम परिस्थितियों में नानक देव जी के उपदेश व शिक्षाएं और भी ज्यादा प्रासंगिक है। वे पूरे मानव जगत के थे। उन्होंने जो रास्ता दिखाया वही सच्चा रास्ता है। हमें उस पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अवं सपा कार्यकर्ता गुरू नानक देव जी की प्रकाश पर्व मनाते हुए

अखिलेश यादव ने गुरू नानक जयंती पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि गुरू नानक देव जी ने परमात्मा की प्राप्ति के लिए पाखण्ड, भ्रम व जादू टोना आदि का खण्डन कर सिमरन पर बल दिया। उनकी शिक्षाओं से समाज में नई तबदीली आई और उसको नई शक्ति तथा सम्मान मिला। उन्होंने धर्म का सच्चा व सही स्वरूप दिखाया। उन्होंने व्यक्तियों को मानवीय स्वतंत्रता का संकल्प दिया।

उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष सरदार हरपाल सिंह जग्गी के साथ सपा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव

यादव ने कहा कि सिख समाज मेहनती है और पूरी दुनिया में उन्होंने भारत का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने भारत की छवि बिगाड़ी हैं वह झूठ का रास्ता अपनाती है। गुरू नानक ने जातपांत और आपस में नफरत के खिलाफ आवाज उठाकर नया संदेश दिया था। भाजपा की राजनीति नफरत बांटने और समाज को आपस में लड़ाने की है।

उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष सरदार हरपाल सिंह जग्गी के साथ सपा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष सरदार हरपाल सिंह जग्गी ने प्रारम्भ में अरदास करते हुए अखिलेश यादव को 2022 में उत्तर प्रदेश का पुनः मुख्यमंत्री बनाने की शुभकामना की। उन्होंने बताया कि समाजवादी सरकार के समय ही सिख समाज और पंजाबी भाषा को सम्मान मिला। भाजपा ने तो उन्हें उपेक्षित और अपमानित करने का काम किया है। समाजवादी सरकार में गुरमुखी शिक्षण के लिए 55 लाख रूपए के वजीफे कक्षा 8 से 12 तक के छात्र-छात्राओं में बांटे गए थे।

उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के पूर्व उपाध्यक्ष सरदार हरपाल सिंह जग्गी के साथ सपा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव

जग्गी ने बताया कि भाजपा राज में गुरमुखी प्रोत्साहन योजना के तहत छात्र-छात्राओं की स्कालरशिप समाप्त कर दी गई है। पंजाबी अकादमी का बजट भाजपा के निजी कार्यक्रमों पर खर्च हो रहा है। साहित्यकारों, कलाकारों को राज्य सम्मान से वंचित कर दिया गया है। यशभारती सम्मान बंद कर उनकी पेंशन भी खत्म कर दी गई है।
सिख समाज की ओर से अखिलेश यादव को सरोपा, कृपाण, स्वर्णमंदिर की प्रतिकृति तथा गुरू नानक देव जी का चित्र भेंट कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरनमय नंदा, राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी सहित पवन मनोचा लखनऊ में सदर गुरद्वारा तथा अखिल भारतीय सिख प्रतिनिधि बोर्ड के हरजीत सिंह हनी, कुलदीप सिंह छाबड़ा, नवजीत सिंह, सुरिन्दर सिंह छाबड़ा, आतम सिंह सोंधी, गुरप्रीत सिंह, देविन्दर सिंह, लखबीर सिंह, गुरबख्श सिंह, कुलदीप सिंह रेखी एवं सिख कल्याण समिति कानपुर महानगर के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह बब्बर एवं जितेन्द्र सिंह संधू, जसपाल सिंह, अमरजीत सलूजा, दविन्दर सिंह, सुखवीर सिंह, गुनदीप सिंह, कुलवंत सिंह, अजीत सिंह, मनविन्दर सिंह, कंवलजीत सिंह, अनमोल भाटिया, पवन मनोचा, सिमरन सिंह, हरदीप सिंह, मंजीत सिंह, अमनदीप कोहली की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button