राहुल गांधी को राहत, कोर्ट ने खारिज की निगरानी याचिका; मजिस्ट्रेट के आदेश में हस्तक्षेप से किया इनकार

त टिप्पणी से जुड़े मानहानि के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को एमपी-एमएलए कोर्ट से राहत मिली है। स्पेशल जज राकेश यादव की अदालत ने भाजपा नेता विजय मिश्र की निगरानी याचिका खारिज कर दी। अदालत ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार किया। इस फैसले से स्पेशल मजिस्ट्रेट की अदालत में लंबित मानहानि मुकदमे की सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है। 

अब मामले में 18 जुलाई को सुनवाई होगी। स्पेशल जज ने अपने आदेश में कहा कि मजिस्ट्रेट कोर्ट में लंबित अंतिम बहस की कार्यवाही को रोकना उचित नहीं था। अदालत ने माना कि परिवादी की ओर से दायर निगरानी याचिका स्वीकार करने योग्य नहीं है। यह मामला भाजपा नेता विजय मिश्र ने वर्ष 2018 में दायर किया था। आरोप है कि राहुल गांधी ने अमित शाह के संबंध में विवादित टिप्पणी की थी।

आवाज के नमूने की मांग खारिज

मुकदमे की सुनवाई के दौरान विजय मिश्र ने 12 मार्च को राहुल गांधी की आवाज का नमूना जांच कराने की मांग की थी। स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने 2 मई को यह अर्जी खारिज कर दी थी।  उन्होंने जमानतनामा प्रस्तुत करने और अंतिम बहस आगे बढ़ाने का आदेश दिया था। विजय मिश्र ने इस आदेश को एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में चुनौती दी थी। बुधवार को स्पेशल जज ने उनकी याचिका खारिज कर दी।

दो अदालतों से नहीं मिली राहत

राहुल गांधी की आवाज के नमूने की जांच कराने की मांग पहले स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खारिज की थी। अब उसी आदेश के खिलाफ दाखिल निगरानी याचिका भी एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने निरस्त कर दी। लगातार दो अदालतों से राहत नहीं मिलने के बाद परिवादी भाजपा नेता को कानूनी झटका माना जा रहा है।

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