
प्रदेश में पहला उद्यान महाविद्यालय स्थापित किए जाने की प्रक्रिया अब तेज होने जा रही है। रायबरेली में प्रस्तावित इस महाविद्यालय के स्थापना के लिए 22 हेक्टेयर जमीन कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को निश्शुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने स्वीकृति दी थी। अब शासन ने कृषि विभाग को भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया तत्काल पूरी कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश सरकार कृषि के साथ उद्यानिकी को भी बढ़ावा देने में जुटी है। इसके लिए ही चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर के तहत रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय स्थापित करने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए रायबरेली के ग्राम पड़ेरा में जमीन चिह्नित की गई है। उपलब्ध करीब 44.888 हेक्टेयर जमीन में से कृषि विभाग की 22 हेक्टेयर भूमि को कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को निश्शुल्क हस्तांतरित की जानी है।

50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान
शासन ने भूमि को संबंधित विभाग के अभिलेखों में दर्ज कराने के साथ अमलदरामद की कार्रवाई भी कराने को कहा है। इस परियोजना पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। उद्यान महाविद्यालय में उद्यानिकी शिक्षा, शोध और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने का काम किया जाएगा और उद्यानिकी संबंधी पाठयक्रमों का संचालन होगा।
पड़ेरा स्थित राजकीय कृषि प्रक्षेत्र में फिलहाल गेहूं, धान, दलहन और तिलहन फसलों का बीज उत्पादन किया जाता है। इसी माह उद्यान महाविद्यालय के लिए प्रस्तावित जमीन का विभागीय अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया है। विभाग के अनुसार जमीन का हस्तातंरण होते ही भवन निर्माण आदि की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।




