
शाहजहाँपुर। उदित शर्मा: उत्तर प्रदेश के जनपद शाहजहाँपुर में स्थित मेडिकल कॉलेज में फैले भृष्टाचार को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर अभय सिन्हा को उनके ऑफिस में उनका घेराव कर किया हंगामा । आपको बताते चलें कि एक और जहां पूरे देश प्रदेश में कोरोना महामारी का संक्रमण एक विकराल रूप लेता जा रहा है। तो वहीं विपक्ष की ओर से प्रदेश की योगी सरकार पर लगातार मरीजो के साथ लापरवाही और हवा हवाई बातें करने का आरोप लगाया जा रहा है। तो वही शाहजहाँपुर में भाजपा पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा ही मेडिकल कॉलेज शाहजहाँपुर में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भाजपा नेता राजकमल वाजपेयी व उनके सैकड़ों कार्यकर्ताओं द्वारा आज प्रोफेसर अभय सिन्हा का घेराव कर हंगामा काटा गया है।

शाहजहाँपुर में आज भाजपा नेता राज कमल बाजपेयी ने अपने सैकड़ो समर्थकों के साथ शाहजहांपुर के साथ मिलकर मेडिकल कालेज के प्राचार्य अभय सिन्हा को उनके ही आफिस में बंधक बना लिया और खूब खरी खोटी सुनाई जहाँ भाजपा कार्यकर्ता राजकमल बाजपेयी का आरोप था कि कोविड -19 मरीजों के साथ मेडिकल कॉलेज के द्वारा लगातार लापरवाही व इलाज में हीला हवाली बरती जा रही है । इसी बात को लेकर आज जिले के युवा भाजपा कार्यकर्ता उत्तेजित हो गए और मेडिकल कॉलेज प्रबंध तंत्र का घेराव करनें मेडिकल कॉलेज पहुँच गए जहाँ सुविधाओं के नाम पर छलावा एवं गरीब मरीजों के साथ भेदभाव व बाहर रेफर करने के साथ ही समुचित इलाज नहीं करने का आरोप लगाया गया है।

वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं का यह भी आरोप था कि अभी जो दो मौते हुईं हैं। वह मौतें कोरोना से नही वल्कि उन्हें मेडिकल कॉलेज द्वारा भोजन न दिए जानें की वजह से दो लोगों की मौतें हुईं हैं। जिसके कारण मेडिकल कालेज के प्रवन्ध तंत्र पर मुकदमा दर्ज करानें के लिए मांग की जा रही थी जहाँ बबाल होता देख मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर अभय सिन्हा ने पुलिस फोर्स को मौके पर बुला लिया जहाँ मौके पर पुलिस फोर्स के साथ पहुँचे सीओ सिटी एसडीएम सदर इंस्पेक्टर चौक कोतवाल सहित कई उच्चाधिकारी मौके पर पहुंच गए जहाँ भाजपा कार्यकर्ताओं को समझा बुझाकर कार्यवाही का आश्वाशन देकर मामले को शांत कराया गया।

वहीं मेडिकल कॉलेज पहुँचे एसडीएम सदर सुरेंद्र सिंह ओर वहाँ मौजूद मेडिकल कालेज की पी.आर.ओ पूजा त्रिपाठी ने बताया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया गया है। और अगर इस तरह की कोई भी अगर लापरवाही मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों या अधिकारियों के द्वारा की गई है। तो उनके ख़िलाफ़ जांच टीम गठित कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।




