अंदाज़-ए-लखनऊ ने मनाई “विरासत और सद्भाव” की अविस्मरणीय संध्या - Sahet Mahet

अंदाज़-ए-लखनऊ ने मनाई “विरासत और सद्भाव” की अविस्मरणीय संध्या


लखनऊ | नवाबों के शहर लखनऊ की तहज़ीब, संस्कृति और अपनत्व को समर्पित संस्था अंदाज़-ए-लखनऊ द्वारा गोमती नगर स्थित यूनिवर्सल पुस्तक भंडार में एक भव्य कार्यक्रम “विरासत और सद्भाव की शाम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लखनऊ की रूह और उसकी गंगा-जमुनी तहज़ीब को मंच पर उतारते हुए अनेक विद्वानों, कलाकारों और साहित्यप्रेमियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर लखनऊ के गौरव श्री गौरव प्रकाश जी को अंदाज़-ए-लखनऊ परिवार की ओर से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान लखनऊ की संस्कृति, परंपरा और समाजसेवा में उनके अमूल्य योगदान के लिए प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अतिथियों में शामिल थे

डॉ॰ पी॰ सी॰ सरकार, श्रीमती ताहिरा हसन, श्री मोहम्मद एहसान, श्री ए.के. श्रीवास्तव, श्री सुभाष चंद्र कुशवाहा, श्री मसूद अब्दुल्ला, श्री मेराज हैदर, श्री प्रदीप कपूर, श्री मोसद्दिक रेज़ा, डॉ. जुनैद, श्री मोहम्मद नसीम, श्री रिज़वान खान, सुश्री सारा फातिमा, सुश्री शाहला हक़, सुश्री सजिदा सबा, सुश्री अज़रा नज्म, और सुश्री आशा कुशवाहा।

इन सभी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा और प्रभाव को और बढ़ा दिया। मंच संचालन बड़े सौजन्य और सलीके के साथ श्री मोहम्मद शमीम ने किया। कार्यक्रम के आयोजन में नेहा परवीन, श्रीमती इमराना अज़मत, श्रीमती फरहीन इक़बाल, और श्रीमती नायला अहमद का विशेष सहयोग रहा। पूरे समारोह में लखनऊ की पुरअसर मोहब्बत, उसकी नफ़ासत और अपनापन झलकता रहा। अंदाज़-ए-लखनऊ ने इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया कि लखनऊ केवल एक शहर नहीं, बल्कि एक जीवित विरासत है — जहाँ अदब, इंसानियत और सद्भाव की खुशबू हमेशा बसी रहती है।


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