हमीरपुर: आधार कार्ड के नाम पर मनमानी पैसा , यहाँ पढ़े पूरी रिपोर्ट

हमीरपुर। शिवशाक्ति सैनी: अफसरों की मिलीभगत हो या लापरवाही कारण चाहे जो भी हो आधार कार्ड में संशोधन करना वा नया बनवाना लोगों के लिए मुश्किल पड गया है। कई-कई चक्कर लगाने के बाद भी एक संशोधन पर दो सौ रुपये लिए जा रहे हैं। जो व्यक्ति दो सौ रुपये नहीं देता है, या सात सौ रूपये नये के लिये नही देता है , उसको संशोधन के लिए मना कर दिया जाता है। कई बार लोग लिखित में इसकी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। डाकघर हो या बैंकों में जहां भी आधार कार्ड बन रहे हैं, वहां आपाधापी मची रहती है, भूखे प्यासे लोग सारे काम छोड़कर लोग सुबह ही लाइन में आकर लग जाते हैं। आए दिन सर्वर ठप की बात कह कर लोगो को भागा दिया जाता हैं। लोग आधार कार्ड बनवाने के लिए सुबह से ही लाइन में लग जाते हैं जी हा ऐसा ही मामला हमीरपुर जनपद का आया है।

मामला हमीरपुर जनपद के राठ तहसील का है जहाँ पर आधार कार्ड के नाम पर मनमानी पैसा वसूली का आया है , शिकायत कर्ता ने राठ उप जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया है। नगर के आर्यावर्त बैंक मुख्य शाखा में मैनेजर की नाक के नीचे सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ाई जा रही है जमकर धज्जियां। आर्यावर्त बैंक मुख्य शाखा में उस समय तहलका मच गया जब आधार कार्ड बनाने के नाम पर मनमानी वसूली की जा रही थी। नगर के आर्यावर्त बैंक मुख्य शाखा राठ में आधार संशोधन केंद्र संचालित है। जिसमें आधार ऑपरेटर लोकेश गुप्ता व उसका साथी जीतू आधार संशोधन कराने वालों की देखरेख के लिए लगाया गया था। जबकि शाखा में आधार संशोधन कराने के लिए आने वाले प्रत्येक नागरिक को भ्रष्टाचारियों का सामना करना पड़ता है। माया पत्नी ब्रजबिहारी निवासी पथपुरी थाना जरिया ने आरोप लगाया की बैंक के मैनेजर की मिलीभगत से लोगों से अवैध वसूली की जाती है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि 20 दिन पहले ₹10 का टोकन दिया था और आज 2 सितम्बर बुधवार को बुलाया था। लेकिन बैंक में 10:00 बजे से लेकर 2:00 बजे तक टोकन 10 नंबर का इंतजार करते बैठे रहे। और मेरा टोकन नंबर 10 का नंबर नहीं आया। पूछने पर लोकेश गुप्ता ने ₹200 की मांग की और सहयोगी जीतू ने ₹700 की मांग की और ना देने पर डांट फटकार कर भगा दिया। तब पीड़िता ने बैंक के मैनेजर से शिकायत की तो पुनः आधार कार्ड ऑपरेटर के पास भेज दिया। कहा कि यह मेरा मामला नहीं है पीड़िता माया निराश होकर उपजिलाअधिकारी अशोक कुमार यादव से न्याय की गुहार लगाते हुए शिकायती पत्र देकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा ग्राम बकरई निवासी चांद मोहम्मद ने आरोप लगाया कि अपनी पत्नी का संशोधन कराया जिसके ₹200 लिए गए और ₹400 सत्यम कंप्यूटर ने कागज बनवाने के लिये हैं।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने बताया कि सत्यम कंप्यूटर फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर आधार कार्ड बनवाने का काम करता है। वही नगर के सिद्धगोपाल ने आरोप लगाया कि ₹200 से ₹500 की मांग करते हैं। ग्राम बसेला निवासी मगना ने बताया कि 4 दिन से बैंक के चक्कर काट रहा हूं और ₹200 की मांग करते हैं। टोला रावत निवासी मंजेश कुमारी एवं रामप्यारी से ₹500 की मांग की गई। वही राठ नगर के निवासी शिवा भारती ने बताया कि 2 साल की बिटिया का नया आधार कार्ड बनवाने के ₹100 लिए गए। जबकि नया आधार कार्ड पूरी तरह निःशुल्क हैं। जैनेन्द्र गुप्ता ने बताया आधार कार्ड में मोबाइल नंबर जोड़ने के ₹50 के स्थान पर ₹100 लिए गए। लोगों ने बताया की आधार कार्ड बनवाने के बाद दी जाने वाली रसीद आधी काट कर दी जाती है ताकि लोगों को यह पता ना चल सके की आधार कार्ड बनवाने के कितने चार्ज कटे हैं। बताया कि यह सब कुछ बहुत दिनों से चल रहा है। उपरोक्त मामले को संज्ञान लेते हुए उप जिलाधिकारी ने कहा है कि मैं और पुलिस टीम बहुत जल्द बैंक में छापा मारेंगे और आधार कार्ड बनाने वालों पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी।

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