सपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज ,बेहोश कार्यकर्ता को नहीं आया होश, केजीएमयू रेफर


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच नीट(NEET) परीक्षा के आयोजन को लेकर विपक्षियों द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता लखनऊ में राजभवन के पास विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे। उनकी मांग है कि मौजूदा हालातों को देखते हुए परीक्षाओं को स्थगित कर दिया जाए।प्रदर्शन की सूचना पाकर पुलिस राजभवन के पास पहुंची और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। 

आपको बताते चले कि आज दिग्विजय देव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी छात्र सभा के तमाम नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। इस दौरान उन पर पुलिस ने लाठियों से प्रहार किया, इस लाठीचार्ज के दौरान समाजवादी पार्टी के बहुत सारे कार्यकर्ता घायल हो गए जिसमें कई नेता भी गंभीर रूप से घायल हुए है।

घायल हुए कार्यकर्ताओं एवम नेताओं में अधिकांश को करीबन कई घंटे तक होश नहीं आया। इसके बाद समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता व एमएलसी सुनील सिंह साजन सिविल हॉस्पिटल उन्हें देखने के लिए पहुंचे और उन्होंने बताया कि छात्रों की हालत काफी गंभीर हैं ।

अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी से ज्यादा भाजपा सरकार के समय लोग कानून व्यवस्था की स्थिति में आई भारी गिरावट से दहशत में है। कोई दिन ऐसा नहीं जाता जब राजधानी लखनऊ सहित अन्य जनपदों में लूट, हत्या, अपहरण और बलात्कार की घटनाएं न होती हों। महिलाओं और बच्चियों का जीवन तो हर क्षण असुरक्षित दिखाई देता हैं पुलिस और प्रशासन का अपराधी पर तो बस नहीं चलता है, बस निर्दोष और निहत्थें नौजवानों पर उसका डंडा खूब चलता है।

सुनील सिंह साजन ने बताया की उनके इलाज के लिए डॉक्टर लगे हुए हैं लेकिन पुलिस की बर्बरता बहुत ही निंदनीय है। फिलहाल समाज वादी पार्टी के इस आंदोलन में आज कई नेता और भी घायल हुए और जिन्हें पुलिस ने एक साथ ले जाकर इको गार्डन पर छोड़ दिया। उसमें से कई नेता गंभीर रूप से घायल हुए थे।

आज समाजवादी छात्र सभा के निर्वतमान अध्यक्ष ‘देव‘ के नेतृत्व में जब छात्र हितों के मुद्दों को लेकर सैकड़ों नौजवान प्रदेश की राज्यपाल महोदया को ज्ञापन देने जा रहे थे, गौतमपल्ली थाने के पास उन पर बर्बर लाठीचार्ज किया गया। पुलिस ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अवनीश यादव, मनोज दुबे, जगराम पासवान, अमित कुमार, हिमांशु पुरैनी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस लाठीचार्ज से एक दर्जन युवा नेता घायल हुए है। इनमें वाराणसी के छात्रनेता महेश यादव एवं सिद्धार्थ नगर के मोनू दुबे की हालत गम्भीर है।
समाजवादी छात्र सभा के ज्ञापन में मांग की गई कि नीट, जेईई सहित विभिन्न प्रतियोगी तथा स्नातक, परास्नातक की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं स्थगित की जाय। छात्रों पर फीस जमा करने के लिए दबाव न बनाएं और उस कारण परीक्षाफल न रोका जाय। भाजपा सरकार द्वारा शिक्षण संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगे तथा लखनऊ विश्वविद्यालय में अतिथि प्रवक्ता के 245 पदों पर आरक्षण नियमावली के तहत ही भर्तियां हों।


आज के छात्र आंदोलन में मुख्य रूप से लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र नेता महेन्द्र सिंह यादव, अंकित सिंह बाबू, विवेक बाबा, पूजा यादव, राहुल सिंह, गौरव पाण्डेय, अरविन्द यादव, रोहित सिंह, शिवम कृष्णा, अभिषेक मिश्रा, सर्वेश शुक्ला, धीरज श्रीवास्तव, अनुज अन्नू, यास्मीन, मिष्ठी खरे, अमर सिंह, वैभव सैनी, सुब्रत अवस्थी, लकी सिंह, जयसिंह प्रताप, आर.पी. सिंह, संदीप कश्यप, कौशलेन्द्र सिंह, नितेश सिंह, मयंक यादव, मंजीत मलिहाबाद, निहाल कुरैशी, धीरज यादव, मेराज अहमद, दीपक आदि थे।


इस आंदोलन में समाजवादी पार्टी के कई नेता मौजूद थे। उनके साथ ही पूजा यादव एवं समाजवादी पार्टी मैनपुरी से अभिराज सिंह भी गंभीर रूप से घायल हुए। फिलहाल घायल छात्रों का इलाज हो रहा है लेकिन उचित इलाज से नाखुश पार्टी के कार्यकर्ता हॉस्पिटल के बाहर भी प्रदर्शन कर रहे हैं।


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