अयोध्या: सभी न्यायालय के जजों और न्यायिक कर्मचारियों ने भारत के संविधान की प्रस्तावना और मूल कर्तव्य की खाई शपथ

जज और सभी न्यायिक कर्मचारी शपथ गृहण करते हुए

अयोध्या। मयंक श्रीवास्तव: अयोध्या में संविधान दिवस पर कचहरी परिसर में जिला जज ज्ञान प्रकाश तिवारी ने अपने सभी न्यायालय के जजों और न्यायिक कर्मचारियों को भारत के संविधान की प्रस्तावना और मूल कर्तव्य की शपथ दिलाई। 26 नवंबर 1949 के दिन संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया गया था। तब से 26 नवंबर के दिन को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। उसके बाद भारत के संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था।फैजाबाद कचहरी परिसर में जिला जज ज्ञान प्रकाश तिवारी के साथ सीजीएम डॉ सुनील कुमार सिंह अन्य न्यायालय के जजों वार्ड न्यायालय में काम कर रहे न्यायिक कर्मचारियों ने शपथ ली है।

ज्ञान प्रकाश तिवारी (जिला जज)

जिसमें भारत के संविधान की प्रस्तावना और मूल कर्तव्य की शपथ ली गई है।जिला जज ज्ञान प्रकाश तिवारी ने कहा कि आज संविधान को देश के लिए समर्पित किया गया था।जिसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था। 71 वर्ष से आज के दिन को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है । आजादी के बाद गांव और शहरों में प्रतिकूल परिस्थितियां हुआ करती थी।आवश्यक संसाधन और सुविधाएं कुछ ही लोगों पास हुआ करती थी।आम जनता को बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता रहा है।

डॉ सुनील कुमार सिंह (सीजेएम)

लेकिन इस संविधान की वजह से समाज के हर व्यक्ति को सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने का मौका मिला है।संविधान से सामाजिक समरसता का भाव भी उत्पन्न हुआ है । समाज में अभी भी बहुत सी कमियां हैं लेकिन भारत का संविधान मैं ऐसी शक्ति है की एक दिन ऐसा समय जरूर आएगा कि हर व्यक्ति समान नागरिक अधिकारों को प्राप्त करेगा।वही सीजीएम डॉ सुनील कुमार सिंह ने कहा कि संविधान दिवस पर सभी को बधाई दी जाती है।

आज के दिन लोगों के लिए बहुत खुद किस्मत दिन है। संविधान में लोकतंत्र की शक्ति प्रदान की गई है। लोकतंत्र में आप अपनी बात रख सकते हैं और आपको विरोध करने की शक्ति भी प्रदान की गई है। यह सिर्फ भारत के संविधान की देन है। भारत का संविधान बहुत व्यापक है।

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