प्रधानमंत्री ने पत्र लिख की धोनी की प्रसंशा, कप्तान ने बोला शुक्रिया

नई दिल्ली। दुनिया के महानतम कप्तानों में गिने जाने वाले महेंद्र सिंह धोनी ने शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। धोनी ने आधिकारिक सोशल मीडिया के जरिए संन्यास की घोषणा की। हालांकि धोनी आईपीएल खेलते रहेंगे, लेकिन अब धोनी को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में नहीं देख पाएंगे। इस मौके पर कई जानी-मानी हस्तियों ने उनके करियर की जमकर तारीफ की। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पत्र लिखकर टीम इंडिया के पूर्व कप्तान धोनी की सराहना की। वहीं अब धोनी ने टि्वटर पर पीएम मोदी का इसके लिए शुक्रिया अदा किया है।

एमएस धोनी ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए लिखा, ‘एक कलाकार, सैनिक और खिलाड़ी को प्रशंसा की कामना होती है। वे चाहते हैं कि उनकी मेहनत और बलिदान को सभी पहचानें। शुक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आपकी ओर से मिली प्रशंसा और शुभकामनाओं के लिए।’

इससे पहले महेंद्र सिंह धोनी को लिखी इस चिट्ठी में प्रधानमंत्री ने उनके भारतीय क्रिकेट में दिए योगदानों को याद करते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया है। प्रधानमंत्री ने धोनी को न्यू इंडिया का एक ऐसा उदाहरण करार दिया है, जहां परिवार किसी युवा का भाग्य तय नहीं करता, बल्कि युवा खुद अपना भाग्य बनाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास के फैसले पर कहा, इससे 130 करोड़ भारतीय निराश हुए लेकिन वे पिछले डेढ़ दशक में भारतीय क्रिकेट को दिए गए योगदान को लेकर आपके आभारी हैं। एक तरफ आपके क्रिकेट करियर को आंकड़ों के जरिए देखें तो आप भारत को वल्र्ड चार्ट में टॉप पर ले जाने वाले सबसे सफल कप्तानों में से एक हैं।”

प्रधानमंत्री ने आगे लिखा, “इतिहास में आपका नाम महानतम क्रिकेट कप्तानों और शानदार विकेटकीपर के रूप में दर्ज होगा। मुश्किल घड़ी में भी डटे रहने और मैच खत्म करने की आपकी स्टाइल, खासकर 2011 के वर्ल्ड कप फाइनल को आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि महेंद्र सिंह धोनी का नाम सिर्फ करियर के आंकड़ों और क्रिकेट मैच जिताने वाली भूमिकाओं के लिए ही नहीं याद रखा जाएगा। उन्हें सिर्फ एक खिलाड़ी के तौर पर देखना अन्याय होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छोटे से कस्बे से निकलकर राष्ट्रीय क्षितिज पर महेंद्र सिंह धोनी के छा जाने का भी जिक्र किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, एक छोटे टाउन से निकलकर राष्ट्रीय क्षितिज पर छाकर खुद को और भारत को गर्व का बोध कराया। आपके उभार और उसके बाद का आचरण उन करोड़ों युवाओं को प्रेरित करता है जो किसी सुविधाजनक स्कूल-कॉलेज या बड़े परिवार से नाता नहीं रखते, लेकिन उनमें ऊंचाइयों पर पहुंचने का टैलेंट है। आप एक महत्वपूर्ण उदाहरण हैं न्यू इंडिया की भावना का, जहां परिवार का नाम युवाओं का भाग्य तय नहीं करता, बल्कि खुद युवा अपनी पहचान बनाते हैं और अपना भाग्य तय करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महेंद्र सिंह धोनी को लिखे पत्र में कहा है, जहां से हम आते हैं, तब तक कोई फर्क नहीं पड़ता जब तक हम जानते हैं कि हम कहां हैं – यह वह भावना है जिसने युवाओं को प्रेरित किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने 2007 के टी- 20 वर्ल्ड कप का उदाहरण देते हुए महेंद्र सिंह धोनी के खतरा उठाने की शैली का भी जिक्र करते हुए उनके सशस्त्र सेनाओं के साथ जुड़ाव की भी सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने धोनी की सफलता में पत्नी साक्षी और बेटी जीवा का भी जिक्र किया है और कहा कि उम्मीद है कि साक्षी और जीवा को आपके साथ और ज्यादा समय बिताने का मौका मिलेगा, क्योंकि उनके त्याग के बगैर यह उपलब्धियां संभव नहीं थीं। प्रधानमंत्री ने महेंद्र सिंह धोनी को प्रोफेशनल और पर्सनल प्राथमिकताओं के बीच संतुलन की प्रेरणा देने वाला बताया।

धोनी ने पहले ही टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। उन्होंने अपना आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मैच पिछले साल 2019 में इंग्लैंड में खेले गए विश्व कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। तब से वह टीम से बाहर चल रहे थे और उनके संन्यास की अटकलें तेज थी। उम्मीद थी की धोनी आस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप में खेलेंगे लेकिन कोविड-19 के कारण इसे टाल दिया गया था। धोनी की कप्तानी में भारत ने टी-20 विश्व कप-2007 जीता और 28 साल बाद 2011 में भारत को वनडे विश्व कप दिलाया। इसके अलावा धोनी ने अपनी कप्तानी में भारत को चैम्पियंस ट्रॉफी दिलाई और टेस्ट में टीम को नंबर-1 बनाया। धोनी दुनिया के इकलौते कप्तान थे जिन्होंने आईसीसी के सभी टूनार्मेंट्स- टी-20 विश्व कप, वनडे विश्व कप और चैम्पियंस ट्रॉफी जीती।

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