लखनऊ: युवाओं द्वारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर टूटा पुलिस का कहर, गांधी जयंती से जनता की यह दूरी इतिहास की एक कलंकपूर्ण घटना


लखनऊ। आशुतोष पाण्डेय। सत्य और अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी के जन्मदिन पर कल पूरे प्रदेश में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर हाथरस की पीड़िता के लिए इंसाफ, बदहाल कानून व्यवस्था, बेकारी, मंहगाई के मुद्दे पर दो घंटे मौन व्रत रखा गया। लखनऊ में प्रशासन और पुलिस ने मानवता को शर्मसार करते हुए हाथरस में दलित युवती के लिए न्याय की मांग करने के लिए गांधी जी की, जीपीओ, लखनऊ स्थित, प्रतिमा पर मौन व्रत सत्याग्रह करने के लिए जाते हुए समाजवादी नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने अकारण बर्बरता से लाठियां बरसाईं, दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं-महिलाओं तक को घसीटा गया। पुलिस की पिटाई से दर्जनों कार्यकर्ता, महिलाएं बुरी तरह घायल हो गई।

उत्तर प्रदेश के लोकतांत्रिक इतिहास में गांधी जयंती पर कल जैसे पुलिस के नंगानाच का दूसरा उदाहरण नहीं। राजधानी के सभी मुख्य मार्ग बैरीकेंडिग कर बंद कर दिए गए। गांधी जी की प्रतिमा पर अकेले माल्यार्पण करने के लिए जाने वालो को भी रोक दिया गया। गांधी जी की जनता से यह दूरी इतिहास की एक कलंकपूर्ण घटना है। उन्हें एक माला तक नसीब नहीं हो सकी।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कल हाथरस की बेटी के लिए मौन व्रत रख धरने पर बैठने जा रहे समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों को भाजपा सरकार द्वारा गिरफ्तार करके बापू-शास्त्री की जयंती के दिन सत्य की आवाज हिंसक तरीके से दबाने को निंदनीय करार देते हुए हाथरस काण्ड की सुप्रीमकोर्ट जज से जांच करने की मांग दुहराई हैं। उन्होंने कहा भाजपा सरकार के कृत्य पाप और अपराध में गिने जाएंगे। हाथरस के डीएम, एसपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।

लखनऊ में जीपीओ स्थित गांधी जी की प्रतिमा पर मौन व्रत सत्याग्रह के पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार कल सपा के विधायक प्रदेश मुख्यालय, लखनऊ में एकत्र हुए। उन्होंने सर्व प्रथम गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्रों पर माल्यार्पण किया। फिर वे एक साथ हजरतगंज गांधी जी के प्रतिमा स्थल की ओर रवाना हुए पुलिस ने बैरीकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। पुलिस सुबह से ही दफ्तर के बाहर भी तैनात थी।

नेता विरोधी दल रामगोविन्द चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि वे शांतिपूर्ण ढंग से गांधी जी के प्रतिमा स्थल पर मौन व्रत सत्याग्रह करेंगे लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें जबरन आगे बढ़ने से रोका। सभी विधायक गौतमपल्ली थाने के नजदीक सड़क पर धरना देकर बैठ गए तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एमएलसी राजेश यादव राजू को पुलिस ने जबरन उठाकर बस में ठेल दिया।

जीपीओ पार्क स्थित गांधी जी की प्रतिमा तक जाने से रोके जाने पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता हजरतगंज में विरोध प्रदर्शन करने लगे। पुलिस ने सड़क पर महिलाओं तक को बुरी तरह घसीटा जिससे कई घायल हो गई। युवाओं पर निर्ममता से लाठियां बरसाई गई। पुलिस ने बर्बरता की सारे हदें पार कर दीं। पार्टी के लखनऊ जिलाध्यक्ष जयसिंह जयंत, बुंदेलखंड की फायर ब्रांड नेता पूजा यादव और महानगर अध्यक्ष सुशील दीक्षित के नेतृत्व में 5 सौ से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।

पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अनुराग भदौरिया, लोहिया वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ0 राम करन निर्मल तथा अधिवक्ता सभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप यादव को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। अनुराग भदौरिया को पुलिस की पिटाई से चोटें आईं।

स्मरणीय है कि कल युवाओं द्वारा विरोध प्रदर्शन पर भी पुलिस का कहर टूटा था। पुलिस की पिटाई से कई युवा नेता बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें बाद में जेल भेज दिया गया।


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