संचारी रोग रोकथाम अभियान महज कागजों में हो रहा पूरा, नरकीय जीवन जीने को लोग हो रहे मजबूर


आम जनता जनप्रतिनिधि इसलिए चुनती है अगर उसको कोई परेशानी हो तो वह जनप्रतिनिधि से जाकर उसका निस्तारण करवा सके लेकिन वही जनप्रतिनिधि जीतने के बाद जनता को ही ठेंगा दिखाने लगे तो उससे बड़ी बात क्या हो सकती है । क्या ऐसे लोगों को जनप्रतिनिधि बनने का अधिकार है। आपको बता दें शासन के द्वारा चलाया जाने वाला संचारी रोग अभियान
सिर्फ कागजों में पूरा होता दिखाई दे रहा है, यही कारण है जिसकी वजह से जनता गन्दगी में जीने को मजबूर है, लगातार शिकायतों के बाद भी आम जनता को सिर्फ अस्वासन मिलता है ना कि गन्दगी से निजात । कभी-कभी तो आक्रोशित जनता को अपना हक पाने के लिए सड़कों पर भी उतरना पड़ता है।

पूरा मामला अलीगढ़ की तहसील इगलास में स्थित नगर पंचायत बेसवां के वार्ड नम्बर 10 का है ।जहां गन्दगी का अंबार लगा हुआ है, यहां के लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर है ।
वार्ड नंबर 10 में गांव के मुख्य रास्ते पर पानी और गंदगी का अंबार लगा हुआ है ग्रामवासियों का आरोप है जब चेयरमैन से ग्रामीण सुरेश नामक व्यक्ति के द्वारा शिकायत की गई तो यह कह दिया के तुम खुद भी तो सफाई कर सकते हो । आम जनता का कहना है, अगर हम खुद सफाई करेंगे तो सफाईकर्मी क्या करते है इसी के बाद आक्रोशित जनता का गुस्सा फूट पड़ा उनके द्वारा जमकर चेयरमैन मुर्दाबाद के नारे लगाए गए।

वहीं दूसरी ओर सरकार के द्वारा लगातार सफाई अभियान चलाए जा रहे है । संचारी रोगों से निपटने के लिए तरह-तरह के आदेश दिए जा रहे है, लेकिन ये सभी आदेश बेसवां नगर पंचायत में हवा हवाई होते हुए दिखाई दे रहें हैं।


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