शाहजहाँपुर: विद्युत विभाग का एक ओर कारनामा, ₹10000 लेने के बाद भी गरीब पर लिख दिया गया विद्युत चोरी का मुकदमा


शाहजहाँपुर। उदित शर्मा: उत्तर प्रदेश के जनपद शाहजहाँपुर में भाजपा शासनकाल में भ्र्ष्टाचार चर्म सीमा पर है। जहाँ आम जनता के साथ खुलेआम खिलबाड़ किया जा रहा है। वह चाहें विद्युत विभाग की मनमानीं हो और चाहें उसके द्वारा रिश्वतखोरी का मामला।

ताजा मामला शाहजहाँपुर के मोहल्ला चौभुर्जी निवासी आलोक कश्यप पुत्र लालाराम कश्यप का है। जहाँ दिनांक 308 2000 20 को शाम लगभग 7:00 बजे के बाद सब स्टेशन अब्दुल्लागंज केंद्र कर्मचारी चेकिंग करने के लिए मोहल्ले में आए और कई घरों में चेकिंग अभियान चालू किया। इसी दौरान चेकिंग करने के वक्त प्रार्थी के घर पर भी चेकिंग की गई जहां सब कुछ सही पाया गया।

लेकिन उसके बाद पोल से आए केबिल में लगे जॉइंट का विद्युत विभाग के कर्मचारियों द्वारा केबिल का वीडियो बनाया गया। जिसके बाद पीड़ित से कहा कि आप विद्युत सब स्टेशन अबदुल्ला गंज आ जाना। जब पीड़ित अब स्टेशन पहुंचा। वहां मौजूद महेश माथुर व अन्य चार पांच कर्मचारियों ने कहा कि तुम पर बिजली चोरी की रिपोर्ट लिखी जाएगी। जिसमें तुम पर ₹50000 का जुर्माना भी पड़ेगा जब प्रार्थी ने हाथ जोड़कर कहा कि मैं बहुत ही गरीब हूं और मैंने कोई चोरी नहीं की है तो महेश ने कहा कि मेरे पास तुम्हारे केवल की वीडियो है जिसमें तुम पर रिपोर्टर जाएगी यह कि तब नेट ने कहा कि मैं तुम्हारा मामला ₹20000 में निपटा दूंगा।

मैंने अपनी गरीबी का पुनः हवाला देते हुए कहा कि मैं काफ़ी गरीब हूँ मेरी स्थति नहीं है कि मैं दस हजार रुपये दे सकूं तो उन्होंने कहा कि तुम अगर ₹10000 रु0 ला कर दे दोगे तो तुम्हारे ख़िलाफ़ रिपोर्ट नहीं दर्ज करायेंगे, नहीं तो तुम्हारे ख़िलाफ़ मुक़दमा पंजीकृत करा दिया जाएगा और तुम्हें जेल जाना पड़ेगा। इस बात को सुनकर पीड़ित बहुत ही भयभीत हो गया और उसने इधर उधर से कर्ज लेकर के महेश के कहने पर उनके साथ मौजूद कर्मचारियों को ₹10000 रुपए लाकर दे दिए।

जिसके बाद कुछ यहाँ के नेताओं के फोन आने शुरु हो गए कि तुम लोगों ने एक गरीब आदमी से चोरी के नाम से पैसे क्यों ले लिए अब तुम्हारे ख़िलाफ़ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। जिससे घबराकर खुद को बचानें के लिए उक्त विद्युत कर्मचारियों ने पीड़ित के ख़िलाफ़ विद्युत चोरी का मुक़दमा दर्ज करा दिया जिससे रिश्वत का मामला दब जाए जिसके बाद अब न तो पीड़ित के रुपये वापस किये जा रहे हैं और न ही विद्युत चोरी का दर्ज फर्जी मुक़दमा वापस लिया गया है।

जिससे हतोहत्साहित पीड़ित शाहजहाँपुर के कई नामचीन नेताओं की चौखट के चक्कर लगा चुका है। लेकिन उसे कोई भी अभी तक न्याय नहीं मिला है। इसी बीच भाजपा के संघर्ष शील नेता सुबोध कुमार मिश्रा ने उक्त पीड़ित की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा है। कि वह इस तरह से शाहजहाँपुर में भ्र्ष्टाचार पनपनें नहीं देंगे चाहें कुछ भी हो जाए हम हर गरीब और पीड़ित शोषित के साथ हैं।


Leave a Reply

Your email address will not be published.