नालंदा: ग्रामीणों ने की उम्मीदवार बदलने की मांग


नालंदा | ऋषिकेश कुमार| विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों में अपनी अपनी उम्मीदवारी सुनिश्चित करने को लेकर खींचतान जारी है। लगातार जनप्रतिनिधियों के द्वारा अपने अपने संभावित विधानसभा क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान भी तेज कर दिया है। इसी कड़ी में हिलसा विधानसभा क्षेत्र इलाके के करायपरशुराय प्रखंड के कन्हौली गांव में ग्रामीणों ने उम्मीदवार बदलने की मांग है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में जो स्थानीय विधायक हैं, एक बार भी कन्हौली गांव में झांकने भी नहीं आए हैं। जिसके कारण इस गांव में कई ऐसे बुनियादी सुविधा है। जिससे ग्रामीण पाच साल तक मरहूम रहे हैं। इतना ही नहीं इसी इलाके के पास के ही प्रेमचक खुर्द गांव में पिछले 1 महीनों से सैकड़ों ग्रामीण बिजली नहीं होने के कारण अंधकार में जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले लोजपा से जितने भी उम्मीदवार हिलसा विधान सभा चुनाव में खड़ा हुए कोई वर्चस्व नहीं होने के कारण उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। हम उम्मीद करते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में इस बार ऐसे जनप्रतिनिधि को टिकट दे जिसका लोगों के बीच वर्चस्व हो। वही इस संबंध में लोजपा प्रवक्ता रामेश्वर प्रसाद ने कहा कि इस इलाके के कई ग्रामीणों से हमने रूबरू हुए। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक के ऊपर कटाक्ष करते हुए कहा कि यहां के क्षेत्रीय विधायक इस इलाके में ना ही दौरा किया और ना ही कोई विशेष ध्यान दिया। जिसके कारण कन्हौली गांव वास्तविक तौर पर विकास से कोसों दूर है। इस बार जनता का जो विचार है वह बदलाव के मूड में दिख रही है। इसके साथ ही इस बार हिलसा विधानसभा क्षेत्र की जनता एक नया चेहरा तलाश रही है। इस बार हिलसा विधानसभा से नया चेहरा ग्रामीण ढूंढ रही है।जिससे की जो कीमती वोट है वह व्यर्थ ना जाए क्योंकि इसके पूर्व में जितने भी प्रत्याशी लोक जनशक्ति पार्टी से चुनाव लड़ने का काम किया है उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। क्योंकि कई ऐसे उम्मीदवार हैं जो चुनाव के वक्त बरसाती मेंढक की तरह सामने आ जाते हैं और चुनाव में हार के बाद दूज का चांद हो जाते हैं। इसीलिए इस बार हिलसा विधानसभा क्षेत्र की जनता एक ऐसे चेहरे की तलाश में है जो हमेशा जनता के बीच में रहकर विकास का काम करे।


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