अयोध्या: गौशाला निर्माण के चलते पौराणिक शिव मंदिर के अस्तित्व पर छाया संकट, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र


अयोध्या। मयंक श्रीवास्तव: अयोध्या जनपद के मिल्कीपुर क्षेत्र में एक गौशाला निर्माण के चलते पौराणिक शिव मंदिर के अस्तित्व पर संकट की स्थिति बन गई है। मामले में न्यायालय की जांच के आदेश के बावजूद स्थानीय प्रशासन की अनदेखी सामने आई है। न्यायालय के आदेशों का पालन किए बिना गौशाला के निर्माण का कार्य शुरू किया जा रहा है। वहीं मामले में ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। उन्होंने पौराणिक शिव मंदिर के अस्तित्व पर संकट की आशंका को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। गौशाला निर्माण की चपेट में जिस मंदिर को हटाने की बात की जा रही है वह मंदिर अति प्राचीन बताया जा रहा है।

यह मंदिर अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र स्थित मरेमा ग्राम सभा में मौजूद है। स्थानीय लोगों की माने तो गांव के तालाब के पास स्थित प्राचीन महादेव मंदिर के पास वर्षों पहले मेला लगता था। बड़ी संख्या में लोग सरोवर में स्नान करने के बाद मंदिर में दर्शन पूजन करते थे। मंदिर के पास की भूमि गोचर होने के चलते निर्माण कार्य नहीं हो सका. इसके बावजूद स्थानीय लोगों में इस मंदिर की महत्ता कम नहीं है। ग्राम सभा मरेमा के अंतर्गत स्थित प्रेम तिवारी का पुरवा से महज 80 मीटर की दूरी पर स्थित मंदिर और आसपास की भूमि पर गौशाला बनने से मंदिर के अस्तित्व पर संकट है।

वही ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन है कि नहीं सुन रहा है। जबकि गांव के पास गौशाला बनाने के मामले में न्यायालय में जांच के आदेश दिए हैं. ग्रामीणों के आरोप की जांच कराए बिना स्थानीय प्रशासन निर्माण कार्य शुरू कर रहा है। ऐसे में न्यायालय की अवमानना की जा रही है।स्थानीय लोगों का कहना है गौशाला बनाने से पहले प्राचीन शिव मंदिर को हटाने की बात की जा रही है। ऐसा करके प्रशासन उनकी आस्था को ठेस पहुंचाने का प्रयास कर रहा है. ग्रामीणों ने मामले में उप जिलाधिकारी पर समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।

आपको बता दें कि अयोध्या के मिल्कीपुर ग्राम सभा स्थित मरेमा गांव में उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर अशोक कुमार शर्मा की मौजूदगी में गौशाला का निर्माण शुरू कराया जा रहा है. जिस भूमि गौशाला का निर्माण कराया जा रहा है वह गोचर भूमि है। अब ग्रामीणों का आरोप है कि यहां निर्माण से प्राचीन महादेव का मंदिर ध्वस्त होगा, जिससे स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत होंगी। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि गौशाला गांव से करीब 200 मीटर की दूरी पर बनाया जाना चाहिए जबकि यहां महज 78 मीटर की दूरी पर गौशाला का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण पर रोक लगाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है।

ग्रामीण अवधेश तिवारी ने कहा है कि इस गौशाला निर्माण को लेकर नियमों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है माननीय न्यायालय की जांच के आदेश के बावजूद निर्माण कार्य शुरू किया गया है स्थानीय प्रशासन ग्रामीणों की मांग की पूरी तरह अनदेखी कर रहा है। 80 वर्षीय ग्रामीण रामधीर तिवारी का कहना है कि वर्षों से इस प्राचीन मंदिर को देखते आ रहे हैं। उन्होंने यहां पूजा भी किया है। लोग इस लोगों की इस मंदिर से आस्था जुड़ी है लेकिन अब गौशाला निर्माण के चलते इसे हटाया जा रहा है।

देवेंद्र तिवारी मांग करते हैं कि यह गौशाला गांव से सटे होने के चलते खूंखार जानवरों का गांव में आतंक बढ़ जाएगा। लोग देर रात तक खेतों में काम करके अपने घर को लौटते हैं। गांव के करीब में गौशाला बनने से उन में भय का माहौल रहेगा। देवेन्द्र तिवारी ने मांग करते हैं कि यहां पर गौशाला न बनाकर अन्यत्र इसकी व्यवस्था की जानी चाहिए। मामले को लेकर जब न्यायालय के जांच के आदेश के बावजूद गौशाला के निर्माण को लेकर उप जिलाधिकारी से सवाल किया गया तो उन्होंने मीडिया से दूरी बनाई।


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