अलीगढ़: रिश्वत के आरोप में दो दरोगाओं पर मुकदमा दर्ज


अलीगढ़। ख़ालिक़ अंसारी: अलीगढ़ गभाना थाने के दो दरोगा रिश्वतखोरी के आरोप में फंस गए हैं। बरौली क्षेत्र के भाजपा विधायक की शिकायत पर जांच करते हुए एसएसपी ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज कराए हैं। दोनों दरोगाओं पर मुकद्दमे एसपी क्राइम से जांच के बाद हुए हैं।एसएसपी ने दोनों दरोगाओं को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया है।वहीं इस थाने के चार अन्य दरोगा भी शिकायत मिलने के बाद लाइन हाजिर किए जा चुके हैं। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

दरअसल बरौली विधायक ठाकुर दलवीर सिंह ने एसएसपी को शिकायत करते हुए कहा कि क्षेत्र के गांव बलवंत नगरिया के लक्ष्मी राज सिंह की बहू रूबी 28 जून को खेतों पर थी तभी उसे रास्ते में एक मोबाइल मिला और रूबी मोबाइल घर ले गए बाद में बेटे ने उसमें अपना सिम डाल लिया इसी बीच दिन गभाना थाने के एसआई राजकुमार का फोन आया और बेटे को थाने बुलाया तो बेटे ने दरोगा को पूरी सच्चाई बता दी।

इस पर एसएसआई ने बेटी को मोबाइल चोरी के आरोप में जेल भेजने की धमकी देते हुए छोड़ने के नाम पर 25 हजार रुपये मांगे उस दिन घर में धेवती की शादी थी मजबूरी में बेटी को छुड़ाने के लिए बहू ने जेवरात गिरवी रखकर 25 हजार रुपये दरोगा को दिए तब दरोगा ने बेटे को छोड़ा। बाद में जब शिकायत विधायक से की और विधायक के दखल पर एसपी क्राइम ने जांच शुरू की तो 11 अगस्त को दरोगा अंकित कुमार ने फोन कर प्रकरण निपटाने के लिए दबाव बनाया गया।

दूसरी शिकायत गांव मडोला के वीरेंद्र सिंह ने विधायक से की जिसके आधार पर 11 अगस्त को टोल प्लाजा पर पुलिस चेकिंग के नाम पर उसकी बाइक रोक ली और बाइक चोरी की बताकर उसे थाने ले जाया गया। पुलिस के सामने उसने तमाम दलील दी कि यह बाइक उसने चंडौस के गांव इमलहरा निवासी सलमान से 12 हजार रुपये में खरीदी है। इसके बावजूद इलाके के दरोगा प्रवीण कुमार ने बाइक और उसे छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की इसी तरह उसने 15 हजार रुपये लेकर उसे छोड़ा गया। यह रुपए उसने थाने में एक सादा वर्दी में मौजूद व्यक्ति को दिए।

इन दोनों मामलों की शिकायत एसएसपी ने एसपी क्राइम को जांच सोपी। वही 2 दिन पहले जांच पूरी होने पर एसएसआई को निलंबित कर दिया।जबिक प्रवीण कुमार सहित थाने के दरोगा सर्विस कुमार,अंकित कुमार,अरुण कुमार,सुखपाल को लाइन हाजिर कर दिया।अब दोनों दरोगाओं के ऊपर पीड़ितों की तहरीर पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।


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