जरूरतमंदों की मदद के लिए बना रहे ऑक्सीजन बैंक, सांसों के सौदागरों को हाथरस के युवाओं ने दिखाया आईना | BREAKING NEWS

कोरोना काल में टूटती सांसों को बचाने के लिए उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के 10 युवा कारोबारियों ने नायाब पहल की है। वे ऐसा ऑक्सीजन बैंक स्थापित करने जा रहे हैं, जहां हर जरूरतमंद की मदद हो सके। इसके लिए औरंगाबाद की एक कंपनी से 100 खाली ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाए जा रहे हैं। कंपनी को 13 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। यह सिलेंडर दो-तीन दिन में हाथरस आ जाएंगे। जिन्हेंं जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया जाएगा। हाथरस शहर में पांच कोविड अस्पताल हैं। इनमें तीन प्राइवेट व दो सरकारी हैं। यहां महोबा और हमीरपुर से प्रतिदिन 220 के करीब सिलेंडरों की आपूर्ति हो पा रही है, जबकि खपत दोगुने से ज्यादा है। ऐसे में एक खाली ऑक्सीजन सिलेंडर की कीमत 25 से 30 हजार रुपये तक मांगी जा रही है। इस स्थिति को देख शहर के कुछ युवा उद्यमियों ने ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना पर विचार किया। चीन और दूसरे देशों की कंपनियों से संपर्क किया। इसमें एक महीने से अधिक समय लग रहा था। तत्काल मदद के लिए ऑक्सीजन बैंक की स्थापना की योजना बनाई गई है।

As the country faces oxygen crisis, Odisha sends 870 MT of oxygen to states

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लगाने की योजना : कारोबारी बांके बिहारी अग्रवाल ने बताया कि ऑक्सीजन की रीफिल के लिए हरिद्वार की कंपनी से संपर्क किया है। हाथरस में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लगाने की योजना बना रहे हैं। इससे प्रति घंटे मरीज को सात से 10 लीटर ऑक्सीजन दी जा सकती है।

जरूरतमंदों को ही मिलेगी सप्लाई : कारोबारी मुकेश सिंघल ने बताया कि कोविड जांच रिपोर्ट और डॉक्टर की सलाह के पेपर के आधार पर ही ऑक्सीजन सिलेंडर दिया जाएगा। सिलेंडर रीफिल के साथ-साथ उसकी जमानत राशि भी ली जाएगी। जब वह खाली सिलेंडर वापस करेंगे तो जमानत राशि लौटा दी जाएगी, केवल गैस के ही पैसे लिए जाएंगे।

चंद घंटों में जुटाए 13 लाख रुपये : इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आइआइए) के चेयरमैन और द रायल हाथरस क्लब के अध्यक्ष आशीष बंसल ने बताया कि शहर के कुछ कारोबारियों से फोन पर ही मीटिंग की। मुकेश सिंघल, बांके बिहारी अग्रवाल, अंकित अग्रवाल, पुनीत अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल, डॉ. शशांक मोहता, अनुज राठी, मधुर बिंदल, हिमांशु अग्रवाल, अंकित बंसल ने मदद के लिए हामी भरी। भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं से संपर्क किया। उनकी मदद से औरंगाबाद (महाराष्ट्र) की एक कंपनी से आक्सीजन सिलेंडर की डील हुई है। 13 लाख रुपये का पेमेंट किया गया है।

याद है मां को खोने का दर्द : सीए मधुर बिंदल भी इस नायाब पहल में सहयोग कर रहे हैं। बताया, पिछले वर्ष कोरोना से मां निशि अग्रवाल की मौत हो गई। उन्हें मां को खोने के दर्द का अहसास है।

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