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	<title>Editor&#039;s Pick Archives - Sahet Mahet</title>
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	<description>Daily Hindi News</description>
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	<title>Editor&#039;s Pick Archives - Sahet Mahet</title>
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		<title>मीडिया सेल की चुप्पी, पत्रकारों मे अनभिज्ञता, राजाभैया यादव की पुनः गिरफ्तारी और सिस्टम की निकृष्टता…</title>
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		<pubDate>Thu, 20 Nov 2025 06:41:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>@आशीष सागर दीक्षित, बाँदा। &#8220;पिछले एक साल से मुकदमा अपराध संख्या 0314/2024 थाना अतर्रा मे हाईकोर्ट से विवेचना की समयावधि मे &#8220;नो कोर्सेव एक्शन&#8221; का स्टे मिलने के बाद पुलिस&#8230; </p>
<p>The post <a href="https://sahetmahet.com/the-silence-of-the-media-cell-the-ignorance-of-journalists-the-re-arrest-of-rajabhaiya-yadav-and-the-degradation-of-the-system/">मीडिया सेल की चुप्पी, पत्रकारों मे अनभिज्ञता, राजाभैया यादव की पुनः गिरफ्तारी और सिस्टम की निकृष्टता…</a> appeared first on <a href="https://sahetmahet.com">Sahet Mahet</a>.</p>
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<p><img decoding="async" class="wp-image-14429" style="width: 1400px;" src="https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/FB_IMG_1736518691054.jpg" alt=""></p>



<p>@<strong>आशीष सागर दीक्षित, बाँदा। </strong></p>



<p><strong>&#8220;पिछले एक साल से मुकदमा अपराध संख्या 0314/2024 थाना अतर्रा मे हाईकोर्ट से विवेचना की समयावधि मे &#8220;नो कोर्सेव एक्शन&#8221; का स्टे मिलने के बाद पुलिस के खासमखास बन चुके राजाभैया यादव को बीते 4 नवम्बर 2025 को माननीय उच्च न्यायालय से स्टे डिसमिस/खारिज होने के बाद झटका लगा था। तब से राजाभैया यादव फरारी के अलर्ट मोड पर थे। गत 18 नवंबर को राजाभैया यादव को गिरफ्तार</strong> <strong>करने के बाद बाँदा पुलिस मीडिया सेल का मौन और स्थानीय पत्रकारों मे इसकी कोई जानकारी साझा न करना अतर्रा सीओ पर बड़े सवाल खड़े करता है। तब जबकिं पिछली बार अतर्रा कोतवाली प्रभारी तत्कालीन एसएचओ कुलदीप तिवारी ने मीडिया को जानकारी दी थी। गिरफ्तारी की तस्वीर पुलिस मीडिया सेल से भी जारी की गई थी। </strong></p>



<p><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1400" height="933" class="wp-image-16809" style="width: 1400px;" src="https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG_20251120_120123.jpg" alt="" srcset="https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG_20251120_120123.jpg 1080w, https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG_20251120_120123-300x200.jpg 300w, https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG_20251120_120123-1024x683.jpg 1024w, https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG_20251120_120123-768x512.jpg 768w" sizes="(max-width: 1400px) 100vw, 1400px" /></p>



<p><strong>बाँदा</strong>। जिले के थाना अतर्रा अंतर्गत संचालित विद्याधाम समिति व चिंगारी संगठन के कर्ताधर्ता राजाभैया यादव पर अब तक कुलजमा विभिन्न संगीन धाराओं के 12 आपराधिक मुकदमे अलग-अलग थानों मे दर्ज है। बीते जून माह को राजाभैया यादव मुकदमा अपराध संख्या 043/2025 थाना अतर्रा मे दुराचार / अपरहरण आदि मे नामजद होकर ज़िला कारागार बाँदा से पांच माह बाद छूटे थे। तब से राजाभैया यादव हाईकोर्ट और ज़िला सेशन कोर्ट / विशेष न्यायालय एससी/एसटी मे कानूनी दाँवपेची से केस-केस खेल रहे थे। इधर एक अन्य मुकदमे 0315/2024 थाना अतर्रा मे राजाभैया यादव पर आईपीसी की धारा 354 व 504 का मुकदमा एक महिला ने लिखाया था। <strong>जिसमें आईओ विवेचक ने पीड़िता द्वारा तमाम शिकायत पत्र के बावजूद राजाभैया यादव पर 354 की धारा का विलोप कर दिया था। जबकि यह केस घटनास्थल उड़ीसा राज्य की थी। </strong></p>



<p><img decoding="async" width="1400" height="1786" class="wp-image-16811" style="width: 1400px;" src="https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG_20251120_120109.jpg" alt="" srcset="https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG_20251120_120109.jpg 1080w, https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG_20251120_120109-235x300.jpg 235w, https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG_20251120_120109-803x1024.jpg 803w, https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG_20251120_120109-768x980.jpg 768w" sizes="(max-width: 1400px) 100vw, 1400px" /></p>



<p>पीड़िता ने अपनी एफआईआर मे राजाभैया के साथ बाँदा से ट्रेन द्वारा साथ जाने से लेकर वहां रुकने का ज़िक्र किया था। वापसी मे पीड़िता को उड़ीसा अकेला छोड़कर राजाभैया यादव मुंबई चले गए थे। ऐसा पीड़िता ने ट्रेन टिकट से दावा किया था। काबिलेगौर है कि राजाभैया यादव को बीते 18 नवंबर दिन मंगलवार को अपराह्न ढाई से तीन के बीच सीओ अतर्रा प्रवीण यादव के नेतृत्व मे पूछताछ को हिरासत मे अतर्रा-नरैनी मार्ग से लिया गया। फिर थाने से गिरफ्तार करके देरशाम बाँदा न्यायालय चलान काटकर लाया गया,जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। राजाभैया यादव जिस मुकदमे मे जेल गए है वह बीते 17 दिसंबर को थाना अतर्रा मे दर्ज हुआ था। तब से फरारी काट रहे राजाभैया इसी केस मे माननीय हाईकोर्ट से विवेचना जारी रहते &#8220;नो कोर्सेव एक्शन&#8221; का स्टे ले आये थे। सीओ अतर्रा प्रवीण यादव ने इस मामलें को ठंडे बस्ते मे डालने जैसा माहौल यह कहते हुए बनाया की उन्होंने मुक़दमा संख्या 043/2025 व 0314/2024 को आपस मे कनेक्ट कर दिया है। लेकिन दोनों मुकदमें मे घटनास्थल भिन्न है।</p>



<p><img decoding="async" class="wp-image-16549" style="width: 404px;" src="https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/FB_IMG_1755926233235.jpg" alt=""></p>



<p>वहीं मुख्य मुलजिम एक व अन्य भी अलग है। इस मुकदमे की वादी दलित महिला है जो चित्रकूट ज़िले की मूल निवासी है। यह पूर्व मे राजाभैया यादव की एनजीओ विद्याधाम समिति व चिंगारी मे सामुदायिक कार्यकर्ता की तरह काम करती थी। एनजीओ मे काम करते हुए दलित पीड़िता ने अपने साथ हुए घटनाक्रम को तहरीर मे बखूबी बयानी किया है। वहीं अतर्रा पुलिस और स्थानीय पुलिस प्रशासन मुल्जिम को जिस तर्ज पर संरक्षण दिये था। उसने राजाभैया यादव के चक्रव्यूह मे षडयंत्र के तहत अनवर रजा रानू, महेंद्र पाल वर्मा राजू, दोनों पीड़िता व उनके परिजनों और अन्य पत्रकारों को भी साज़िश रचकर कूटरचना से मुकदमों मे फंसाने की पटकथा लिखी थी। लगातार लिख रहें है। किंतु न्यायालय से न्याय की उम्मीद लगाए पत्रकारों व समाज के लोगों ने राजाभैया यादव की फर्जी मुकदमे लिखवाने वाली टीम के प्यादों को सिलसिले वार लिखापढ़ी से बेनकाब किया है। लेकिन राजाभैया यादव कभी फर्जी तहरीर तो कभी 175(4) से झूठे मुकदमों की इबारत लिखने मे माहिर है। उन्ही काले कोट वाले अधिवक्ता के साथ जो बार संघ पदाधिकारी रहते विद्याधाम समिति के सारे प्रायोजित केस निज स्वार्थ मे लड़ने के अभ्यस्त है। राजाभैया यादव ने समाज कल्याण से पीड़िता को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर वही विभाग के बाबुओं से रोक लगवाई है। मुलजिम का दावा है कि उनके केस मे हाईकोर्ट से स्टे है और मुकदमे झूठे है। फिर भी हाईकोर्ट ने राजाभैया का मुकदमा अपराध संख्या 0314/2024 आईपीसी की धारा 376,120 बी आदि की धाराओं पर दर्ज केस मे अब स्टे हटाया है। जिसके चलते राजाभैया यादव पांच माह बाद पुनः ज़िला कारागार बाँदा पहुंच गए है।</p>
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		<title>संगठित पत्रकारों ने आज एकजुटता से मतदान की बैठक मे हिस्सा लिया&#8230;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Oct 2025 12:53:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>@आशीष सागर दीक्षित, बाँदा। बाँदा। आज हार्पर क्लब बाँदा के सभागार मे पत्रकार साथियों (इलेक्ट्रॉनिक व प्रिन्ट / डिजीटल ) की एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। द प्रेस ट्रस्ट&#8230; </p>
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<p>@<strong>आशीष सागर दीक्षित, बाँदा। </strong></p>



<p><img decoding="async" class="wp-image-16747" style="width: 1400px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG-20251019-WA0031.jpg" alt=""></p>



<ul class="wp-block-list">
<li>द प्रेस ट्रस्ट आफ बुंदेलखंड (पीटीबी) मतदान प्रक्रिया 2025 के लिए हार्पर क्लब मे सम्पन्न हुई खुली बैठक।</li>
</ul>



<ul class="wp-block-list">
<li>सहभागिता कर रहें पत्रकारों ने रखे अपने विचार, प्रत्याशियों ने लिए नामांकन पत्र।</li>
</ul>



<ul class="wp-block-list">
<li>त्यौहार के मद्देनजर अवकाश खत्म होने मे अंगले दिन तक मिलेंगे नामांकन पत्र। एक दिन नामांकन वापसी को मिलेगा।</li>
</ul>



<ul class="wp-block-list">
<li>आज जो पत्रकार साथी अनुपस्थित रहें है किसी कारणवश वे बिजलीखेड़ा स्थित अस्थाई कार्यालय सीएमओ आवास के सामने से नामांकन पत्र ले सकतें है। व मतदान देने के लिए अपने आवश्यक कागज जमा कर सकतें है।</li>
</ul>



<ul class="wp-block-list">
<li>उपस्थित पत्रकारों ने रखे अपने विचार और एकजुटता का लिया संकल्प।</li>
</ul>



<p><strong>बाँदा</strong>। आज हार्पर क्लब बाँदा के सभागार मे पत्रकार साथियों (इलेक्ट्रॉनिक व प्रिन्ट / डिजीटल ) की एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। <strong>द प्रेस ट्रस्ट आफ बुंदेलखंड (पीटीबी)</strong> के आम चुनाव 2025 के यह बैठक आयोजित की गई थी। आज की इस खुली बैठक मे उपस्थित पत्रकारों मे क्रमशः खबर लहरिया की मुख्य सम्पादक कविता बुंदेलखण्डी व उप सम्पादक मीरा के साथ जीशान अख्तर, अभिषेक शुक्ला, राजेश पांडेय,आत्माराम त्रिपाठी ने बैठक की अध्यक्षता की है।</p>



<p><img decoding="async" class="wp-image-16749" style="width: 1406px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251019_182639.jpg" alt=""></p>



<p> वहीं इस आवश्यक बैठक मे करीब 70 पत्रकारों ने सहभागिता की है। गौरतलब है कि खुले मंच से मौजूद पत्रकार साथियों ने अपने उद्गार व सवाल-जवाब का सम्प्रेषण किया। उन्होंने संवाद करते हुए बाँदा के इतिहास मे पहली बार पत्रकारों के लिए इस चुनाव प्रक्रिया का खुले समर्थन से स्वागत किया। बैठक मे पत्रकार अनवर रजा रानू ने पत्रकारो की एकजुटता को बिना की जातिवाद और मजहब वाद के साथ पार्टीवाद से दूर करके एक साथ जुड़ने और संघठित होने की अपील की गई है। उन्होंने कुछ उदाहरण पेश करतें हुए अपनी आपबीती व घटनाक्रम का जिक्र भी किया। वहीं पत्रकार दीपक पांडेय ने कहा कि पत्रकार का मतलब यह नही की वह यूट्यूबर है या बड़ा -छोटा बल्कि वह पत्रकार है औऱ खबर लिख रहा है, खबरों को दिखा रहा है तो यही  प्रमाण बहुत है। उसके बीच मे छोटे-बड़े का मतभेद नही होना चाहिए। वहीं बैठक मे पत्रकार के.के. गुप्ता व पंकज त्रिपाठी ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मुसीबत के वक्त खड़े हो, एक दूसरे की टांग न खींचे, ग्रुप व सोशल मीडिया पर एकदूसरे के ऊपर कीचड़ न उछालें और प्रशासनिक दायरे मे आपसी तनातनी मिटाकर आपसी बुराइयों पर विराम लगाना आवश्यक है। </p>



<p><img decoding="async" class="wp-image-16750" style="width: 1400px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG-20251019-WA0003.jpg" alt=""></p>



<p><strong>उल्लेखनीय</strong> है बैठक व कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कोरम ने भी अपनी बातों को बेबाकी से रखा। इस कड़ी मे खबर लहरिया की मुख्य सम्पादक कविता बुंदेलखण्डी ने इस नेक पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा यह बड़ी प्रसन्नता का क्षण है कि <strong>द प्रेस ट्रस्ट आफ बुंदेलखंड (पीटीबी)</strong> सभी कलमकारों को एक मंच पर लाया है। उन्हें संघठित होने व उनके हितार्थ आवाज बुलंद करने की ज़मीन तैयार कर रहा है। उन्होंने कई संगठनों मे जुड़े होने की बात करते हुए यहां प्रताड़ित पत्रकारो की बात भी उन फोरम तक पहुंचाने की बात कही है। वहीं पत्रकारों की आवाज को एकजुटता की माला मे पिरोते हुए युवा जुझारू पत्रकार अभिषेक शुक्ला ने खुले मन से इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने अपनी क्षमता अनुरूप पत्रकारिक जींवन मे साथियों का साथ देने की बात कही है। अध्यक्षता कोरम से पत्रकार जीशान अख्तर ने भी अभिषेक शुक्ला की बातों को अपने संबोधन मे कोड करते हुए साथ आने की मांग उठाई। पत्रकार राजेश पांडेय ने कहा कि पूर्व मे जो संगठन स्वयंभू परंपरा से अस्तित्व मे है उन्हें यह बैठक आईना दिखाती है। यह संगठन बड़ी लकीर के रूप मे स्थापित होगा ऐसी उम्मीद रखी जा सकती है। इस क्रम मे आत्माराम त्रिपाठी ने उपस्थित समूह का आभार जताया और सबके साथ खड़े रहने की बात कही। उल्लेखनीय है कि मंच व बैठक का संचालन पत्रकार आशीष सागर दीक्षित ने किया । उन्होंने <strong>द प्रेस ट्रस्ट आफ बुंदेलखंड (पीटीबी)</strong> के स्थापना मार्च 2018 से लेकर आज तक की प्रस्तावना रखी।</p>



<p><img decoding="async" class="wp-image-16751" style="width: 1400px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20251019_182654.jpg" alt=""></p>



<p> वहीं उपस्थित पत्रकार साथियों के सवालों का जवाब पीटीबी के संविधान को सार्वजनिक तौर पर पेश करते हुए संगठन की दिशा व भविष्य की रणनीति और योजना को विस्तृत तरीक़े से खुले मंच पर सबके बीच रखा है। उन्होंने किसी भी भ्रम को तोड़ते हुए द प्रेस ट्रस्ट आफ बुंदेलखंड (पीटीबी) को भविष्य मे पत्रकारों के हितों मे मील का पत्थर बताया है। उन्होंने पत्रकारिक जींवन की कठिनाइयों मे साथ चलने की बात कहते हुये <strong>बटेंगे तो कटेंगे, जुड़ेंगे तो जीतेंगे</strong> का नारा दिया। पत्रकार साथी इकबाल खान ने कहा कि यह शुरुआत है इसकी बुनियाद और ऊँचाई को हम सब मिलकर तय करेंगे। पत्रकारो की तरफ से शिवम सिंह ने नामांकन पत्र वितरण की ज़िम्मेदारी संभाली और कुछ प्रत्याशियों को नामांकन पत्र दिये। उन्होंने बताया कि आगामी 28 अक्टूबर के आसपास मतदान सम्पन्न कराया जाएगा। जिसकी सूचना व गाइडलाइंस मतपत्र,वोटर आईडी-कार्ड वितरण के बाद नामांकन पत्र सत्यापन के पश्चात सोशल मीडिया प्लेटफार्म, पीटीबी ऑफिशियल ग्रुप,पीटीबी इलेक्शन ग्रुप पर दी जाएगी।</p>



<p><strong>इन्होंने लिए प्रत्याशी नामांकन पत्र</strong>&#8211; </p>



<p><img decoding="async" class="wp-image-16752" style="width: 1400px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG-20251019-WA0013.jpg" alt=""></p>



<p>अध्यक्ष पद के लिए इलेक्ट्रानिक न्यूज चैनल से जुड़े पत्रकार अनवर रजा रानू और रमाकांत तिवारी ने आज नामांकन पत्र लिया। वहीं ज़िला कार्यकारणी सदस्य पद के लिए अंशु गुप्ता और के.के. गुप्ता ने लिए। वहीं प्रबंध कार्यकारणी अध्यक्ष पद के लिए खबर लहरिया मुख्य सम्पादक कविता बुंदेलखण्डी ने नामांकन पत्र लिया है। बाँदा मे आज दीपावली पर्व की व्यस्तता के चलते आंशिक पत्रकारों ने शिरकत नही कि लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया है कि आगामी दो तीन दिन मे नामांकन पत्र लेंगे। नामांकन पत्र की वापसी को एक दिन न्यास मंडल की तरफ से दिया जाएगा। वहीं किसी भी पद पर एक ही नामांकन पत्र लिए जाने की स्थिति मे सभी की सहमति मुताबिक उस प्रत्याशी को निर्विरोध घोषित किया जाएगा। बतलाते चलें कि आज की बैठक इस महत्वपूर्ण बैठक मे क्रमशः अरबिंद सिंह गौतम (इन्होंने सम्बोधित भी किया है।) , पंकज शुक्ला, प्रदीप शुक्ला, नरेश निगम, कुलदीप त्रिपाठी, वरिष्ठ इलेक्ट्रॉनिक पत्रकार मनोज कुमार, शिवाकान्त अवस्थी,दुर्गेश कश्यप, सुरेश साहू, बालेन्द्र तिवारी उर्फ राज, कृष्ण कुमार दीक्षित सहित 70 पत्रकारों ने उपस्थिति रजिस्ट्रर पर दस्तखत किए है व उपस्थित रहें है। वहीं करीब 20 पत्रकार विलम्ब से पहुंचे जो लौट गए।</p>
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		<title>बुंदेलखंड पैकेज से निर्मित विशिष्ट अनाज मंडियों पर अधिकारियों के भ्रष्टाचार की कालिख…</title>
		<link>https://sahetmahet.com/the-special-grain-markets-built-under-the-bundelkhand-package-are-tainted-by-the-corruption-of-officials-in-district-bandaup/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Sep 2025 12:18:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>@आशीष सागर दीक्षित, बाँदा। &#8220;चित्रकूट मंडल मुख्यालय के बाँदा मे 2012 मे प्रस्तावित 64 करोड़ फिर बढ़ा हुआ बजट 300 करोड़ रुपया से 86 एकड़ कृषि भूमि पर बनी विशिष्ट&#8230; </p>
<p>The post <a href="https://sahetmahet.com/the-special-grain-markets-built-under-the-bundelkhand-package-are-tainted-by-the-corruption-of-officials-in-district-bandaup/">बुंदेलखंड पैकेज से निर्मित विशिष्ट अनाज मंडियों पर अधिकारियों के भ्रष्टाचार की कालिख…</a> appeared first on <a href="https://sahetmahet.com">Sahet Mahet</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p>@<strong>आशीष सागर दीक्षित, बाँदा। </strong></p>



<p><img decoding="async" class="wp-image-16384" style="width: 400px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG_20250902_174259.jpg" alt=""></p>



<p><br>&#8220;<strong>चित्रकूट मंडल मुख्यालय के बाँदा मे 2012 मे प्रस्तावित 64 करोड़ फिर बढ़ा हुआ बजट 300 करोड़ रुपया से 86 एकड़ कृषि भूमि पर बनी विशिष्ट अनाज मंडी का 11 साल बाद भी लोकार्पण नही हो सका है। अब मंडी समिति के उप निदेशक इंजीनियर महेश खरे ने तत्कालीन अधिकारियों पर मुकदमा अपराध संख्या 716/2025 नगर कोतवाली बाँदा धारा बीएनएस 409 पंजीकृत कराया है। लेकिन रिकवरी मे शासनादेश आड़े आएगा और भ्रष्टाचार के दीमक मौज मे रहेंगे।&#8221;</strong></p>



<ul class="wp-block-list">
<li>बुंदेलखंड के 7 जिलों में 625 करोड़ रुपया से 138 विशिष्ट अनाज मंडी/ ग्रामीण अवस्थापना केंद्र बनाए गए थे।</li>



<li>साल 2009-10 में सामाजवादी मुख्यमंत्री रहे अखिलेश यादव ने योजना स्वीकृति दी जिसको साल 2012 मे धरातल पर अवतरित किया गया।</li>



<li>सात जनपदों मे ज़िला स्तर पर 6 विशिष्ट अनाज मंडी और 132 ग्रामीण अवस्थापना केंद्र बने थे।</li>



<li>बाँदा मे सिर्फ स्टील/लोहे की आपूर्ति मे ही 6 तत्कालीन उप निदेशक मंडी निर्माण अफसरों ने ही 5 करोड़ 49 लाख 89 हजार 806 रुपया का गबन किया है।</li>



<li>आज बाँदा विशिष्ट अनाज मंडी खंडहर हो रही है। उसमें अराजक तत्वों की बैठकी होती है। ओवरलोडिंग नम्बर 2 बालू वाले पकड़े गए ट्रक/ परिवहन खड़े होते है।</li>



<li>बाँदा की विशिष्ट अनाज मंडी के एक अदने हिस्से मे राष्ट्रीय आजीवका मिशन योजना से स्वावलंबन हेतु महिला समूह द्वारा प्रेरणा लघु उद्योग संचालित होता है।</li>
</ul>



<p><strong>बाँदा</strong>। उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड मे यूपीए की केंद्र सरकार मे अस्तित्व पर आये बुंदेलखंड विशेष पैकेज से यूपी वाले हिस्से मे सात ज़िलों के अंदर 625 करोड़ रुपया से 138 अनाज मंडी बनी। जिसमें ज़िला मुख्यालय पर 6 विशिष्ट अनाज मंडी व ग्रामीण तहसील स्तर 132 अवस्थापना केंद्र बनाए गए थे। कुल 7266 करोड़ के बुंदेलखंड पैकेज पर शुरू से बड़े स्तर मे भ्रष्टाचार पनपता रहा है। फिर वो कूपवेल योजना से निर्मित कुएं रहें हो। या बकरी पालन उद्योग या फिर विशेष ट्री प्लांटेशन स्कीम अथवा विशिष्ट अनाज मंडियां।</p>



<p><img decoding="async" class="wp-image-16386" style="width: 405px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG20250902145133_01.jpg" alt=""></p>



<p> आज बुंदेलखंड संदर्भ मे ज़िला बाँदा की विशिष्ट अनाज मंडी की पड़ताल कर रहें है जो झांसी-महोबा हाइवे पर शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित है। वैसे गल्ला व्यापारियों के लिए शहर मे पुरानी गल्ला मंडी है लेकिन यहां उतना स्पेस / जगह नही जितना कि 300 करोड़ रुपया की लागत से बनी 86 एकड़ जमीन पर निर्मित विशिष्ट अनाज मंडी मे है। बाँदा से लेकर बुंदेलखंड के तकरीबन हर ज़िले मे यह बड़ी विशिष्ट अनाज मंडी/ ग्रामीण अवस्थापना केंद्र फटेहाल है। इन पर भ्रष्टाचार की कालिख पुती है। जिससे यह 11 साल बाद वही कभी किसानों का भला नही कर सकी है।</p>



<p><img decoding="async" width="420" height="236" class="wp-image-16387" style="width: 420px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG20250902150434_01.jpg" alt=""></p>



<p><br><strong>सात ज़िलों मे बनी अनाज मंडी-</strong></p>



<p>बुन्देलखंड पैकेज से 625 करोड़ रुपया सपा सरकार मे आया। जिससे कृषि भूमि अधिग्रहण करके शहर के बाहर विशिष्ट अनाज मंडी बनाई गई। जिसमें बाँदा मे 20 ( एक विशिष्ट / 19 ग्रामीण अवस्थापना केन्द्र), चित्रकूट मे 16, हमीरपुर मे 24, महोबा मे 11, झांसी मे 25, ललितपुर मे 24, जालौन मे 20 अनाज मंडी बनी थी। बाँदा मे यह शुरुआत मे 64 करोड़ बजट से शुरू हुई जो विस्तार लेकर 300 करोड़ रुपया खा गई। वहीं महोबा मे 40 करोड़ से विशिष्ट अनाज मंडी पनवाड़ी रोड मे बनी जो भ्रष्टाचार का सबूत है। इसको बनाने वाली तत्कालीन कम्पनी तक ब्लैकलिस्ट कर दी गई है। आज तक यह हैंडओवर नही हो सकी है। कमोबेश यही हालत बाँदा के यहां भी किसान तिंदवारी रोड पर स्थित पुरानी छोटी अनाज मंडी मे अपना गल्ला विक्रय करते है। जो अक्सर बारिश मे सड़ता है और खाद वितरण की किल्लत का साक्षी बनता है। यहीं चुनावी मतगणना भी होती है। यहां न किसानों के बैठने व छाया का स्थान है उल्टा आवारा जानवरों का नुकसान भी है। इन्ही सबको देखते हुए शहर से बाहर बड़े स्थल पर विशिष्ट अनाज मंडी बनी थी। कुल 86 एकड़ भूमि पर लगभग हर तरह की सुविधा किसानों हेतु रखी गई। कर्मचारियों को रुकने को आवास, ब्लाकवार अनाज गोदाम और अन्य आधुनिक सुविधाओं से लैस अनाज मंडी। लेकिन पुरानी अनाज मंडी मे दुकानों का किराया 400 रुपया है। जबकि विशिष्ट अनाज मंडी मे 4000 रुपया निर्धारित है। जिसके चलते शहर से बाहर और असुरक्षा के मद्देनजर आढ़तियों व किसानों का वहां जाना नही होता है। </p>



<p><img decoding="async" class="wp-image-16388" style="width: 406px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG20250902145510_01.jpg" alt=""></p>



<p>लगभग सभी जिलों मे यही सूरतेहाल है। विशिष्ट अनाज मंडियों को बरसाती जंगलों मे मे बबूल की झखाड़ का अड्डा बनाया जा रहा है। आवासों के दरवाजे, जंगले कबाड़ होने लगें है। उनमें जंगली जीव रहते है। यह अराजकता का स्थान बनते दिखती है। यदि 86 एकड़ मे किसानी होती तो कितना अनाज उत्पादन होता इसका अंदाजा लगाइए। या कोई उद्योग लगता तो मजदूरों, बेरोजगार युवाओं को रोजीरोटी मिलती लेकिन दुर्भाग्यवश यह बजट भ्रष्टाचार की गर्त मे मिल रहा है।</p>



<p><strong>बाँदा उप निदेशक मंडी इंजीनियर महेश खरे ने दर्ज करा दी रिपोर्ट-</strong></p>



<p><img decoding="async" class="wp-image-16389" style="width: 402px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG20250902145530_01.jpg" alt=""></p>



<p><br>बुंदेलखंड पैकेज से बाँदा मे महोबा रोड पर बनी विशिष्ट अनाज मंडी मे वित्तीय घोटाले की जांच आख्या 30 सितंबर 2022 अब सामने आने के बाद दो दिन पूर्व पुरानी गल्ला मंडी के उप निदेशक इंजीनियर महेश खरे ने कुल 6 तत्कालीन उप निदेशक मंडी निर्माण पर प्रथम सूचना रिपोर्ट नगर कोतवाली मे दर्ज करा दी है। मुकदमा अपराध संख्या 716/2025 मे बीएनएस की धारा 409 / भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर हुई है। यह अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जिसमें अभियुक्त तत्कालीन उप निदेशक मंडी निर्माण क्रमशः अलीगढ़ के रामधार रामघाट रोड निवासी गोपाल शंकर (तत्कालीन अधीक्षण अभियंता जोन 4, पीडब्ल्यूडी) ने 79 लाख 17 हजार 569 रुपया, चंदौली के तिलक नगर निवासी एस. एन.पी. यादव (तत्कालीन उप निदेशक मंडी निर्माण) ने 52 लाख 90 हजार 132 रुपया, लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी निवासी केके गुप्ता ने 26 लाख 39 हजार 189 रुपया, गाजियाबाद के सुरेशचंद्र गोयल ने 17 लाख 55 हजार 897 रुपया, लखनऊ के एन गोयल 75 लाख 15 हजार 424 रुपया गबन किया है। </p>



<p><img decoding="async" class="wp-image-16390" style="width: 448px;" src="https://soochanasansar.in/wp-content/uploads/IMG20250902145613_01.jpg" alt=""></p>



<p>जांच आख्या अनुसार इन्होंने बिना किसी कारण परियोजना मे प्रयुक्त की जाने वाली विभिन्न प्रकार की स्टील / लोहा आपूर्ति की मदों को लोकनिर्माण विभाग के एसओआर ( दरों की अनुसूची) मे हेरफेर करके बंदरबांट किया है। गौरतलब है कि वादी मुकदमा इंजीनियर महेश खरे, उप निदेशक मंडी समिति बाँदा मुताबिक 3 करोड़ 16 लाख 70 हजार 277 रुपया के हेराफेरी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है चित्रकूट मंडल के चार जिलों मे 71 अनाज मंडियों का निर्माण हुआ था। यह आज भी अनुउपयोगी साबित है। वहीं ग्रामीण अवस्थापना केंद्र की स्थिति और अधिक बदहाल है। बावजूद इसके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आज तक दोषियों पर कार्यवाही सम्भव नही हो सकी है। विडंबना है कि घोटालेबाजी के पारंगत अधिकारियों से रिकवरी मुश्किल है। क्योंकि शासनादेश आड़े आएगा। वहीं विवेचक समयबद्ध जांच तक नही करेंगे। जैसे एनआरएलएम के लगभग 3 करोड़ घोटाले पर महज 88 लाख एफआईआर पर बाँदा मे एक साल बाद भी सन्नाटा पसरा है। इसी योजना मे उन्नाव मे 5 करोड़ गबन की एफआईआर कुछ माह पहले वर्ष 2025 मे ही हुई है। भ्रष्टाचार की परतों का इतिहास बनाता बुंदेलखंड पैकेज ठीक वैसा ही है जैसे कामचोरों/चोरों को स्वर्ण तिजोरी की चौकीदारी सौंप दी जाती है।</p>
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