ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर लगाया भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप, गांव में पहुंची मीडिया की टीम


चंदौली। उमेश सिंह: चंदौली जनपद के चकिया विकास खंड के वर्तमान ग्राम प्रधान रामकृष्ण यादव के ऊपर दबंगई गुंडागर्दी राजनीति के बल पर प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभार्थियों से जबरदस्ती धन उगाही करने का भीषण गंभीर आरोप लगाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के द्वारा यह बताया गया की ग्राम प्रधान के 15 वर्ष के प्रधानी के इतिहास में एक भी गांव सभा की खुली बैठक नहीं बुलाई गई और सारा प्रस्ताव उनके इशारे पर पंचायत सेकेट्री की मिलीभगत से मन मुताबिक प्रस्ताव बनाकर कार्य कराया जाता है।

इसमें ग्राम सभा के एक भी सदस्य की कोई भूमिका नहीं होती है। 15 वर्षों में शासन के द्वारा प्रदत्त ग्रामीण आवास या प्रधानमंत्री आवास या अन्य मद से दिए गए आवास अब तक इनके द्वारा मात्र अपने सहयोगी व रिश्तेदारों में 5 परिवारों में ही सिमट कर रह गया है। जिनमें पिता, पुत्र, बेटा, बेटी, बहू और पोते को दिया गया है। आवास या गौशाला आवंटन शासन की मंशा और मानक के बिल्कुल विपरीत हुआ है क्योंकि जो सही पात्र हैं उसे यह लाभ नहीं मिला। जैसे इसी गांव में एक विधवा असहाय महिला सुनता पत्नी हबीब जीवित है जिसका मौके पर कच्चा मकान बरसात में गिर गया। आज भी पेड़ के नीचे किसी प्रकार गुजर-बसर कर रही है, दूसरी ओर गांव के उन लोगों को प्रधानमंत्री आवास दिया गया है जिनके पास संगमरमर लगा दो मंजिला मकान तथा 7 एकड़ जमीन मौजूद है।

प्रधान द्वारा चार आवास में 75 हजार की धनराशि रिलीज कराई गई और उसी उपरोक्त में 5 आवासों में 112500 की धनराशि को रिलीज कराई गई जो घपले का खुला प्रमाण है। बनवासी बस्ती में पानी पीने हेतु प्रदेश सोलर पंप को प्रधान द्वारा अपने दबंगई के बल पर ग्राम सभा करवदीया के नाम से स्वीकृत था लेकिन सोलर पंप ग्रामसभा नोडिया में अपने संबंधी रामचंद्र के खेत पर लगवाया गया है। ग्राम सभा में अनुसूचित जाति के लगभग 50 घर बनवासी हैं। ज जिनके द्वारा एक ही परिवार के पति-पत्नी दोनों के नाम से प्रधानमंत्री आवास आवंटन करके मात्र एक ही आवास मौके पर बनवाया गया तथा एक आवास का पूरा पैसा वनवासियों से ले लिया गया। अभी तक उसकी नीव तक नहीं खो दी गई है।

मंजू पुत्र खलील शांति देवी स्वर्गीय नंदू यादव दीनानाथ सिंह बृजेश शर्मा के द्वारा यह बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हमारे खाते में प्रथम किस्त 44 हजार कि आई थी, जिसको निकलवाने के लिए ग्राम प्रधान रामकृष्ण यादव व पंचायत मित्र उमापति तथा ग्राम प्रधान के भाई शिकारगंज स्थित बैंक शाखा गए तथा हम लोग जैसे पैसा निकाल कर बाहर निकले वहीं पर ही पैसा लेकर गिन कर उसमें से किसी से बीस हजार रुपया व किसी से 25 हजार रुपया ले लिया गया। पैसे के अभाव में हमारा आवास अधूरा पड़ा हुआ है। ग्रामीणों के द्वारा लामबंद होकर ग्राम प्रधान के विरुद्ध घोर अनियमितता में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के यहां शपथ पत्र के साथ जांच के लिए आवेदन किया गया है।

अब देखना यह है कि चकिया विकासखंड में भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी मजबूत है कि उसमें संलिप्त ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत अधिकारी व पंचायत मित्र तथा विकास खंड के खंड विकास अधिकारी के विरुद्ध शासन द्वारा क्या कार्यवाही की जाती है। हम आपको बता दें कि जब पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिंद्रा पॉलिटेक्निक विद्यालय चंदौली में सभा को संबोधित करने के लिए आए हुए थे उस समय तत्कालीन भाजपा के विधायक सुशील सिंह के द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया गया था कि जिले में 12 सौ आवासों का पूर्ण रूप से घोटाला कर लिया गया है। जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल जिला अधिकारी चन्दौली को निर्देशित करते हुए जांच कर आख्या देने का निर्देश दिया था। जिसमें त्रिस्तरीय कमेटी बनने के बाद भी आज तक जांच होने के बाद सारा मामला जांच रिपोर्ट ठंडे बस्ते में चली गई। अब तो यह लगता है कि चंदौली जनपद में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर बोल रहा है, जिसका जीता जागता उदाहरण चकिया विकासखंड में देखने को मिल रहा है।


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