उत्पीड़न से परेशान मेडिकल कॉलेज की छात्रा ने छत से कूदकर किया आत्महत्या का प्रयास, फैली सनसनी


शाहजहाँपुर। एक ओर जहाँ देश व प्रदेश की सरकार सहित देश के लोग डॉक्टरों को कोरोना योद्धा सम्मान देकर पुष्प वर्षा कर डॉक्टरों को सम्मानित कर रहे हैं। तो वहीं दूसरी और जनपद शाहजहाँपुर में एक छात्रा के साथ मेडिकल कॉलेज में अत्याचार हो रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार में वित्त एवं चिकित्सा शिक्षा कैबिनेट के कद्दावर मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के गृह जनपद में स्थित वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज की एक छात्रा छत से महज इसलिए कूद पड़ी, क्योंकि कालेज प्रबंधन द्वारा उसका लगातार उत्पीड़न किया जा रहा था, सैलरी भी काट कर दी जा रही थी, समय से खाना ना देने और अन्य उत्पीड़न से त्रस्त होकर छात्रा ने मेडिकल कॉलेज की छत से छलांग लगा दी। इससे पहले उसने अपने उत्पीड़न को लेकर एक वीडियो भी बनाया जिसे उसने वायरल किया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में प्रबन्धन के साथ मिलकर लीपापोती करने का प्रयास कर रही है।

उत्तर प्रदेश सरकार में वित्त एवं चिकित्सा शिक्षा कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के गृह जनपद शाहजहाँपुर के तिलहर थाना क्षेत्र अंतर्गत वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज में मेडिकल स्टाफ एवं मेडिकल छात्र छात्राओं से उत्पीड़न की घटनाएं लगातार प्रकाश में आती रहती हैं। लेकिन मेडिकल प्रबंधन द्वारा इन्हें दबाया जाता रहा है। ऐसा ही एक मामला खीरी जनपद की तहसील पलिया की रहने वाली कल्पना नाम की छात्रा का है। वह भी इस मेडिकल कॉलेज में संविदा पर कार्य कर रही है। उसका आरोप है। कि उसे सैलरी काट पीट कर दी जाती है, किसी तरह का हेल्थ इंश्योरेंस नहीं दिया गया है। साथ ही उसे समय पर सही भोजन भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।

जहाँ उसके साथ लगातार उत्पीड़न किया जाता है, यही नहीं किसी भी तरह से मुंह खोलने पर उसे गायब करने गोली मारने और कैरियर खराब कर देने आदि की लगातार धमकी दी जाती है। आज इससे त्रस्त होकर कल्पना ने पहले उत्पीड़न को लेकर एक वीडियो बनाया और मेडिकल कॉलेज की छत पर जा पहुंची। उत्पीड़न से त्रस्त छात्रा ने मेडिकल कॉलेज की छत से छलांग लगा दी जिससे वह नीचे गिर कर गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे इसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

छात्रा का आरोप है कि उसके साथ लगातार उत्पीड़न किया जाता है। जो भी छात्र छात्राएं मुंह खोलने की बात करता है। उसे दबा दिया जाता है।आज उत्पीड़न से परेशान होकर जब उसे कोई भी रास्ता नहीं सूझा,तो त्रस्त होकर मेडिकल कॉलेज की छत से कूद पड़ी। फिलहाल पुलिस को इस मामले की सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के दबाव के चलते मामले की लीपापोती करने की कोशिश की जा रही है।

जब मेडिकल कॉलेज में कार्यरत छात्रा के छत से कूदने की खबर अन्य छात्र छात्राओं को लगी तो मेडिकल कॉलेज में कार्यरत अन्य छात्राओं ने भी मुंह खोलते हुए मेडिकल कॉलेज द्वारा लगातार किए जा रहे उत्पीड़न के संबंध में मीडिया कर्मियों से वार्ता की और अपना दुख बताते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन द्वारा उन्हें जबरन यहां रोककर उनसे कोविड-19 की ड्यूटी करवाई जा रही है छात्राओं का यह भी आरोप है। कि उनकी सैलरी उन्हें नहीं दी गई जिसकी वजह से वह अपने घर नहीं जा सकती और जब भी वह नौकरी छोड़कर जाने की बात करती हैं तो प्रबंधन उन्हें उनका कैरियर खराब करने गायब करवा देना वह गोली मरवा देने की धमकियां देता है। जिसमें रसूखदार मेडिकल कॉलेज स्वामी प्रधानाचार्य एवं एक डॉ आर्य का नाम खुलकर सामने आया है। जहाँ अब यह देखना होगा कि किस तरह इन पीड़ित छात्राओं को न्याय मिल पाएगा या नहीं।


Leave a Reply

Your email address will not be published.