आयुक्त ने मंडल में उर्वरक का वितरण ठीक प्रकार से सुनिश्चित कराने के दिए निर्देश


आयुक्त देवीपाटन मण्डल श्री एसवीएस रंगाराव ने मण्डल के सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने जनपद के सहायक निबन्धक , सहकारिता , उपनिदेशक कृषि एवं जिला कृषि अधिकारी की तत्काल बैठक आयोजित करके खरीफ सीजन तक जनपद में उर्वरक की उपलब्धता की प्रतिदिन समीक्षा करें। इसके साथ ही प्रत्येक सप्ताह में रेण्डम तौर पर निजी एवं सहकारिता विभाग के उर्वरक गोदामों की चेकिंग करके स्टॉक / वितरण सत्यापन सुनिश्चित कराएं तथा प्रत्येक केन्द्र पर सबसे अधिक क्षमता के टॉप -20 गोदामों / दूकानों का संबंधित विभाग एवं यथाआवश्यक उपजिलाधिकारी / तहसीलदार से जाँच कराकर अनियमितता वाले केन्द्रों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कराएं।

आयुक्त ने कहा है कि वर्तमान में खरीफ सीजन का पीक समय चल रहा है, इसलिये वर्तमान में तथा आने वाले समय में उर्वरक की मांग अधिक रहेगी। इसलिए उर्वरक का वितरण ठीक तरीके से सुनिश्चित कराया जाय। कृषि विभाग द्वारा उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के लिये प्रवर्तन कार्य हेतु समय-समय पर निर्देश दिये जाते रहते हैं। मुख्य रूप से कृषि विभाग द्वारा आवंटित मात्रा खरीफ / रवी में संबंधित कृभको व इफको के द्वारा आपूर्ति की जाती है, इसमें जो भी रैक आती है उसमें 47 प्रतिशत सहकारिता विभाग के संचालित केन्द्रों को लघु-सीमान्त कृषकों के लिये किया जाता है ।
आयुक्त ने कहा है कि प्रायः यह देखने में आया है कि रैक आने पर सहकारिता विभाग को न देकर प्राइवेट थोक विकेताओं को सबसे अधिक उर्वरक उपलब्ध करा दिया जाता है, इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता से लघु सीमान्त कृषकों को मिलने वाली उर्वरक में कमी पड़ती है। इससे कृषकों को उर्वरक की कमी दिखती है और प्राइवेट विक्रेता अधिक उर्वरक खरीदकर कालाबाजारी करते हैं। इसलिए ऐसे लोगो को चिन्हित कर कठोर कार्यवाही की जाए जिससे उर्वरक की काला बाजारी न हो और कृषकों को उचित मूल्य पर समय से उर्वरक मिल सके।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *