पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित मोहम्मद शरीफ बीमार; सपा ने लगाया भेदभाव का आरोप

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित 83 साल के मोहम्मद शरीफ बीते 7 महीने से बीमार हैं। अपनी बीमारी के चलते वे PM के राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में भी शामिल नहीं हुए थे। जबकि मंदिर ट्रस्ट ने उस कार्यक्रम में अयोध्या से मुस्लिम समाज से पद्मश्री मोहम्मद शरीफ और बाबरी मस्जिद केस के मुद्दई रहे इकबाल अंसारी को ही आमंत्रित किया था। इसके बावजूद उनकी बीमारी व तंगी की हालत की जानकारी लेने प्रशासन व ट्रस्ट का जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा।

अब उनकी गंभीर हालत की खबर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन उनकी खोज-खबर लेने उनके आवास पर पहुंचा। खिड़की अली बेग मोहल्ले के मकान में रह रहे पद्मश्री मोहम्मद शरीफ की पुत्री आयशा का कहना है पूरा परिवार आर्थिक तंगी में है। उनकी दवा व इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। सरकार से कोई मदद भी नहीं मिली है। कोरोना संकट के चलते पद्मश्री का तमगा भी हासिल नहीं हो सका है। क्योंकि सम्मान कार्यक्रम ही निरस्त हो गया था।

लावारिस शवों का दाह संस्कार करते हैं मोहम्मद शरीफ
मोहम्मद शरीफ को जनवरी 2020 में पद्मश्री अवार्ड से नवाजा गया था। वे लावारिस शवों का दाह-संस्कार करने को लेकर चर्चा में आए थे। अब तक 25 हजार से अधिक लावारिस हजारों शवों का दाह संस्कार लोगों से सहयोग लेकर करवा चुके हैं। लेकिन अब गंभीर बीमारी के चलते लाचार हो गए हैं।

जिलाधिकारी अनुज कुमार झा के आदेश पर ADM सिटी वैभव शर्मा, जिला अस्पताल के डॉक्टरों के साथ वयोवृद्ध मोहम्मद शरीफ का स्वस्थ्य परीक्षण करवाने पहुंचे। डॉक्टर वीरेंद्र वर्मा के मुताबिक उसके पेट में सूजन की वजह से परेशानी है। ज्यादा आयु का भी स्वास्थ्य पर असर है। DM के मुताबिक जिला प्रशासन व अस्पताल उन्हें बेहतर स्वास्थ्य चिकित्सा उपलब्ध करा रहा है।

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