इजरायल से दो आसमानी आंखें खरीदने जा रहा भारत -अब चीन-पाकिस्तान पर रहेगी पैनी नजर


नईदिल्ली,27 अगस्त (आरएनएस)। चीन और पाकिस्तान भारत के लिए दिन ब दिन खतरा बनते जा रहे हैं। एक तरफ पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकी हमलों की साजिश रच रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ चीन भारत की जमीन पर नजरें गड़ाई बैठा है।

बता दें कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में बीते दिनों चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प के बाद भारत अब ऐसे हालात से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। इसी बीच कुछ दिन पहले ही वायुसेना को राफेल जेट मिले हैं। अब भारत जल्द ही इजरायल से 2 आसमानी आंखों को खरीदने की तैयारी कर रहा है। इनकी मदद से चीन और पाकिस्तान पर पैनी नजर रखने का काम किया जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा सूत्रों ने बताया कि भारत और इजरायल के बीच एक बेहद बड़े और अहम रक्षा सौदे पर अंतिम दौर की बात हो रही है। भारत एक बिलियन डॉलर यानी करीब 4,577 करोड़ रुपये लागत की एक डील फाइनल होने करने जा रहा है। इसके तहत इजरायल भारत को दो फाल्कन एयरबॉर्न वॉर्निग एंड कंट्रोल सिस्टम यानी अवाक्स की सप्लाई देगा। पहले भी इस डील की कीमत को लेकर भारत और इजरायल के बीच कई बार बातचीत का दौर चला है। फिलहाल केबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी से मंजूरी मिलने के बाद ये डील फाइनल हो जाएगी।
इजरायल के फाल्कन अवाक्स को रूस की इल्यूसिन-76 हैवी लिफ्ट एयरक्राफ्ट के ऊपर सेट करने का प्लान है। बता दें कि भारतीय वायुसेना के पास पहले से ही तीन फाल्कन अवाक्स हैं। जिसे वह ऑपरेट करती है। भारतीय वायुसेना में इनकी इंट्री 2009 से लेकर 2011 के बीच हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार जिन दो अवाक्स को इजरायल से खरीदा जाएगा, वह पहले के तीन फाल्कन की तुलना में अधिक मदद करेंगे। इनसे लंबी दूरी तक कई प्रकार के फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स पर पैनी नजर रखने में मदद मिलेगी।
बता दें कि इजरायल भारत के टॉप तीन डिफेंस सप्लायर्स में से एक है। बीते दस साल में 10 बिलियन डॉलर की डील हासिल करने के अलावा इजरायल ने आखिरी के दो सालों में हथियारों के सात कॉन्ट्रैक्ट भारत से हासिल किए हैं। इसके अलावा, कई दूसरी बड़ी डील्स भी पाइपलाइन में हैं। इजरायल से चार एरोस्टैट रेडार और कुछ हमलावर ड्रोन्स भी खरीदे जाने हैं। भारतीय सेनाओं के पास इजरायल निर्मित 100 ड्रोन्स पहले से हैं।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *