दुष्कर्मियों में कानून का खौफ पैदा करने के बजाय सरकार केवल बैठकों में व्यस्त है: आरती बाजपेई


बांगरमऊ। विषवेश तिवारी: विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी आरती बाजपेई ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर योगी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने हाथरस, उन्नाव और झांसी में हुई दुष्कर्म की वारदात पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि न सिर्फ हाथरस में न केवल पीड़िता का परिवार पुलिस और प्रशासन ने निशाने पर था बल्कि कवरेज करने गई महिला मीडियाकर्मियों से भी बदसलूकी की गई।

उन्होंने कहा कि योगी सरकार की तानाशाही और अमानवीय रवैया जनता देख रही है और इन उपचुनाव और अगले विधानसभा चुनाव में इसका हिसाब मतदाता अपने मताधिकार से लेगा। जिस तरह हाथरस में दलित बेटी की अस्मत के साथ खिलवाड़ और हत्या की गई वह किसी भी सरकार के लिए शर्मनाक है। दोषियों को सजा दिलाने के बजाय योगी सरकार लगातार पीड़ित परिवार को बदनाम करने के हथकंडे आजमा रही है। सरकार मंशा कहीं से भी पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने की नहीं लग रही है। 

आरती बाजपेई ने उन्नाव और झांसी की घटना का भी जिक्र किया और कहा मुख्यमंत्री केवल बैठकें करते रहे और जिज़ समय वे महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सिर्फ जबानी कार्रवाई कर रहे थे, उस समय दरिंदों ने सरेआम एक बच्ची को सड़क से उठाकर उसकी आबरू तार-तार कर दिया। उन्नाव में भी एक बेटी की इज्जत को चलती कार में तार-तार कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया क्या अब इस प्रदेश में बेटियां पढ़ने भी न जाएं या घर से बाहर भी न निकलें क्योंकि यह सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने में नाकाम रही है।


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