अमेठी: दलित को जिन्दा जलाकर उतारा मौत के घाट, मृतक को अपने घर के सामने सौचालय बने जाने को लेकर थी आपत्ति


अमेठी। राजीव ओझा: उत्तर प्रदेश अमेठी में अपराधियो के हौसले इतने बुलन्द है कि पुलिस का थोड़ा भी ख़ौफ़ नही है। गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र के उत्तर गांव मजरे बस्ती देई मे एक दलित अधेड़ को अपने घर के सामने सामूहिक सौचालय बनाये जाने को लेकर आपत्ति थी। जिसको लेकर परिवार का आरोप है कि दलित की जिंदा जला कर मौत के घाट उतार दिया गया। दलित की लाश उसी के घर के सामने अधजली पायी गयी है। मृतक के पुत्र ने प्रधान व प्रधान के सहयोगियों पर लगाया हत्या का आरोप लगाया है। फिलहाल एसपी ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया है। 

घटना अमेठी जनपद के कोतवाली क्षेत्र गौरीगंज के बस्ती देई गांव का है। जहाँ पर दलित को जिन्दा जला कर मौत के घाट उतार दिया गया मृतक बुजुर्ग के पुत्र प्रेम ने बताया कि मृतक मेरे पिताजी हैं, हम लोग कानपुर में रहते हैं, हमें कुछ नहीं मालूम हम लोग 2 दिन पहले अभी आए थे और प्रधान द्वारा किये जा रहे निर्माण को रोकने के लिए प्रधान के यहां गए थे। हाथ जोड़ कर कहा कि यहां यह जो कुछ है ना बनाया जाए, अगर यहां बनाया जा रहा है तो मेरे घर के सामने गंदगी रहेगी। तो प्रधान ने कहा कि अगर तुम बनाने नहीं दोगे तो जान से मार देंगे। अगर कोई भी कागज कहीं लेकर जाओगे एप्लीकेशन दोगे या कहीं सुनवाई के लिए जाओगे तुम्हें जान से मार देंगे।

उसके बाद हम डर के चले आए और हमने कहा हम घर जा रहे हैं। इसके बाद पिताजी ने इस निर्माण को रोकने के लिए जाकर एप्लीकेशन दिया और घर के परिवार के सदस्य घर के बाहर मामा के यहां थे हम लोग परदेसी आदमी कानपुर में थे और आए तो पता लगा उन लोगों ने उनको उठाकर लाकर यहां फूंक दिया है। प्रधान उपाध्याय और राजाराम दोनों लोग उनके दो तीन बेटे हैं और यह सरकारी जमीन है यह मेरे घर के सामने बना रहे थे बस हम यही पूछना चाहते हैं क्यों  पिता जी को मार दिया।प्रधान द्वारा कहा जा रहा है कि तुम भी बोलोगे तो जान से मार देंगे।

घटना पर मृतक की बेटी सिमरन ने बताया की गांव के बगल से गांव के रास्ते की सड़क बननी थी और आने जाने के लिए रास्ता नहीं था। इसलिए मेरे भाई दौड़ते थे कि सड़क निकल जाए जिसके लिए जो बगल में खेत है, जय विजय और यह लोग मिलकर प्रधान उपाध्याय और राजाराम यह लोग मिलकर मीटिंग करते थे। इसी की वजह से इन को जलाकर मारा गया है। इन सब लोगों ने मिलकर मारा है। सुबह ये सभी लोग यहां मौजूद भी थे। हम लोगो के आने के बाद ही लोग चले गए और मेरे पिताजी को ये लोग ही उठाकर लेकर आये और पेट्रोल डालकर जला दिए। सरकार से मुझे इंसाफ चाहिए।

मृतक की बेटी मीरा ने बताया की हम लोगो को जानकारी नहीं थी जैसे हम लोग रहते हैं वैसे रह रहे थे रात में खाना वाना बना है उसके बाद 7 या 8 बजे उनको खाना-वाना दिए खाकर लेटे थे मैंने कहा भी कि आप अकेले हो तो हम लोग भी यही लेट जाएं उन्होंने का कोई दिक्कत नहीं है जल्दी आप लोग अंदर लेट जाइए और हम लोग थे उसके बाद हम सब लोग सो रहे थे उसके बाद सुबह जब हम लोग उठे तो एक छोटी लड़की ने आकर बताया कि हमारे यहां कोई लाश पड़ी है वहां पहुंचे तो पिता जी की लाश पड़ी थी यह प्रधान की लोगों की साजिश है प्रधान खिलाफ थे हमारे इस जमीन के बारे में और यह एक साजिश की गई।और पिताजी को जलाकर मार दिया गया जिससे प्रधान अपने हिसाब से मेरे घर के आगे निर्माण करा सकें।

वहीं घटना पर पुलिस अधीक्षक अमेठी ने मामले पर मीडिया से बात करते हुए बताया की आज दिनांक 5:09: 2020 को राजेश पासी उत्तर गांव ने सूचना दी कि कि उनके पिता रामप्रसाद पासी की वह गांव के प्रधान एवं उनके प्रतिनिधि पवन ने हमारे पिता की हत्या कर दी है और उनका कहना है की हमारे पिता जलाकर हत्या कर दी है।इस संदर्भ में उनकी सूचना पर अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है।मौके पर पुलिस टीम मौजूद है।मैंने खुद मौके का मुआयना किया है।मामले में आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।


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